उन्नाव/मियागंज/बांगरमऊ। खाध्, बीज, पानी व बिजली समस्या से पहले ही परेशान चल रहे अन्नदाताओं का धैर्य गुरुवार को ओलावृष्टि के बाद जवाब दे गया।
बांगरमऊ में उन्नाव व लखनऊ मार्ग को दो घंटे से ज्यादा जाम रखा। एसडीएम व सीओ के आर्थिक मदद दिलाने के आश्वासन पर किसानों का गुस्सा शांत हुआ। उधर, मियागंज में एक किसान ने बाग में पेड़ से लटककर फांसी लगाने का प्रयास किया। शुक्र था कि डाल टूटने की वजह से किसान की जान बच गई।
घंटों जाम लगने से वाहनों की लगी लंबी कतारें
बांगरमऊ। ओलावृष्टि से आहत किसानों ने शुक्रवार को उन्नाव और लखनऊ मार्ग जामकर मुआवजे की मांग को धरना दिया। घंटों जाम लगा रहा। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम व सीओ सफीपुर पहुंचे। किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपते हुए आर्थिक सहायता दिलाए जाने की गुहार लगाई।
गुरुवार शाम को बांगरमऊ, सफीपुर, फतेहपुर चौरासी, गंजमुरादाबाद व मियागंज समेत कई अन्य क्षेत्रों में जमकर ओलावृष्टि हुई थी। इससे खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों व आलू की फसल तबाह हो गई थी। वहीं आम के पेड़ों में लगे बौर भी ओलों की चपेट में आकर जमींदोज हो गए।
इससे आक्रोशित किसान सड़क पर उतर आए और शुक्रवार सुबह 10 बजे उन्नाव मार्ग स्थित केशवापुर, नारेखेड़ा, हफीजाबाद व भिखारीपुर रुल्ल गांवों के सामने सड़क पर बांस-बल्ली डालकर जाम लगा दिया। इसके अलावा लखनऊ मार्ग पर स्थित ग्राम मुस्तफाबाद में भी किसानों ने धरने पर बैठकर यातायात अवरुद्ध कर दिया। जाम लगने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी करते हुए ओलावृष्टि से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की।
धरना-प्रदर्शन करने वालों में महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। करीब दो घंटे तक यातायात ठप होने की जानकारी मिलते ही एसडीएम सफीपुर शशिकांत प्रसाद और सीओ आरके सिंह हफीजाबाद पहुंचे। धरनास्थल पर बांगरमऊ कोतवाल रंजीत सिंह यादव और फतेहपुर चौरासी एसओ मनोज मिश्रा भी दल-बल के साथ पहुंचे।
किसान मौके पर डीएम सौम्या अग्रवाल को बुलाने की मांग कर रहे थे। बाद में एसडीएम के समझाने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। धरने पर बैठे हीरारापुर, गोंदरी, सुनौरा और मौहाई के किसानों ने मांग की कि ओलावृष्टि से बर्बाद किसानों को उपज मूल्य के मुताबिक मुआवजा दिए जाए।
सभी प्रकार के फसली ऋण और नलकूप विद्युत बिल माफ कर तत्काल वसूली स्थगित करने की भी मांग की।
किसानों में रामशंकर यादव, राधेश्याम, गजराज, रणवीर, श्रीपाल, शेरसिंह ने चेतावनी दी कि यदि मांगे न मानी गई तो एक पखवारा बाद किसान पुन: रोड जाम करेंगे।
फांसी लगाकर आत्महत्या का किया प्रयास
उन्नाव/मियागंज। ओलों से गेहूं, सरसो, आलू व आम की तबाह फसल को देखकर मियागंज ब्लाक के जहांगीर नगर गांव निवासी रामभरोसे ने फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया। परिजनों ने बताया कि रामभरोसे ने इस बार कई आम के बाग खरीदे थे।
गुरुवार को गिरे ओलों से आम के बौरे झड़ गए इससे उसे तगड़ी आर्थिक चोट लगी। शुक्रवार सुबह फांसी लगा ली। हालांकि आम की डाल टूट गई जिससे उसकी जान बच गई। ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर डीएम को ज्ञापन देकर ओलावृष्टि से हुए आर्थिक नुकसान के लिए सहायता राशि दिलवाने की मांग की।
बीस मिनट में पट गए ओलों से खेत
गंजमुरादाबाद। बारिश और ओलों ने गुरुवार को किसानों को बर्बाद कर दिया। क्षेत्र के ग्राम हसनापुर, महमदाबाद, कलवारी, नसिरापुर, जगटापुर, मदारनगर, भिखारीपुर पतसिया, सिरधरपुर, बल्लापुर और आलमऊ सराय आदि गांवों में आंवले के बराबर ओले गिरे। ओलावृष्टि से आलू जमीन से बाहर आ गया।
क्षेत्र के अरविंद सिंह, रामकुमार, संतराम, रामशंकर, प्यारेलाल, देवीदीन, रामसहाय व ठाकुर प्रसाद आदि ने बताया कि बीस मिनट में ओलों से खेत पट गए। बांगरमऊ प्रतिनिधि के अनुसार, गुरुवार की शाम को आसमान से इस कदर पत्थर बरसे कि खेतों में खड़ी फसल तहस-नहस हो गई। खेतों में गेहूं और लाही के सिर्फ डंठल ही बचे हैं। खेत करीब पौन फिट ऊंची बर्फ की चादर से ढक गए थे।
क्षेत्र के ग्राम सांईपुर, सगौड़ा, मदारनगर, चहलहा, सकरौली, भिखारीपुर, हीरापुर, गोंदरी, मऊ, सुरसेनी, आसत, मुस्तफाबाद, भठियापुर, रुरीसादिकपुर, रसूलपुर रुरी व मवईघनश्याम सहित करीब आधा सैकड़ा गांवों में ओलों की बौछार से खेतों में फसल की एक बाली भी नहीं बच सकी है। क्षेत्र के ग्राम मुझहइया निवासी किसान मनोज यादव सहित करीब एक दर्जन किसानों के खेतों से खोदे गए आलू खेतों में ही जमा थे। आलू को बोरों में भरकर कोल्ड स्टोर पहुंचाना था। लेकिन ओलों की बौछारों से आलू फटकर दो भागों में बंट गए।