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गैस पाइपलाइन परियोजना से जुड़ेंगे ३५ और गांव

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उन्नाव। देश की सबसे बड़ी कांडला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन परियोजना से 35 और गांव जुड़ेंगे। दही औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एचपी बाटलिंग प्लांट तक डाली जा रही अंडरग्राउंड पाइप लाइन में अभी सदर तहसील के 19 गांवों का गजट जारी हुआ है। शेष बीघापुर तहसील के गांवों का सर्वे चल रहा है।
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गैस बाटलिंग प्लांटों में टैंकरों से गैस पहुंचाने की व्यवस्था समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार ने एलपीजी पाइपलाइन बिछाने की योजना पर काम शुरू किया है।
इसके तहत देश की अब तक सबसे बड़ी एलपीजी पाइप लाइन कांडला से गोरखपुर के बीच बिछाई जानी है। परियोजना गुजरात के कांडला से शुरू होगी और उज्जैन, कानपुर होते हुए सूबे के गोरखपुर तक जाएगी। परियोजना में अंडरग्राउंड घरेलू गैस पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना में अपना जनपद भी शामिल है। पाइपलाइन दही क्षेत्र में संचालित एचपी बाटलिंग प्लांट तक आएगी। यहां से लाइन को लखनऊ व प्रयागराज के लिए बांटा जाएगा। पूरी पाइपलाइन बिछाने का काम इंडियल आयल को दिया गया है। पाइप लाइन शुक्लागंज से होते हुए दही क्षेत्र के एचपी बाटलिंग प्लांट आएगी।
इसमें सदर तहसील के अभी 19 गांव शामिल किए गए हैं। जिनका गजट जारी कर दिया गया है। हालांकि यहां से पाइप लाइन बीघापुर होते हुए प्रयागराज जाएगी। इसलिए बीघापुर तहसील क्षेत्र के 35 और गांवों का सर्वे शुरू कराया गया है। भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, पूरी परियोजना में 54 गांव आ रहे हैं। जल्द ही बीघापुर तहसील क्षेत्र के 35 गांवों का भी गजट जारी कर दिया जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अंडरग्राउंड पाइप लाइन डालने से जितनी भूमि किसान की जाएगी उसका चार गुना मुआवजा भी दिया जाएगा। यही नहीं लाइन पड़ने के बाद किसान इस भूमि पर खेती भी कर सकेंगे। जानकारों के मुताबिक, पाइप लाइन से केवल 12 मीटर ही क्षेत्रफल प्रभावित होगा। लाइन करीब 20-25 मीटर नीचे जमीन खोदकर डाली जाएगी।
तहसील के 19 गांवों का गजट प्रकाशित किया गया है। लाइन यहां से प्रयागराज भी जाएगी। इसलिए बीघापुर तहसील क्षेत्र के जिन गांवों से लाइन जाएगी वहां का सर्वे भी कराया जाएगा। इसके बाद अन्य गांवों की अधिसूचना जारी की जाएगी।
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आत्मप्रकाश श्रीवास्तव, प्रभारी भूमि अध्याप्ति अधिकारी।
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