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साठगांठ से चल रहा अवैध खनन का ‘खेल’

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उन्नाव। जिले में मिट्टी खनन का अवैध कारोबार जोरों पर है। खनन करने वाले अपनी मर्जी से सरकारी व गैर सरकारी जमीनों पर धड़ल्ले खनन करा, कमाई कर रहे हैं। सदर तहसील के सिकंदरपुर, शंकरपुर, बौनामऊ, व अन्य गांवों के अलावा बांगरमऊ, हसनगंज व बीघापुर तहसील सहित अन्य क्षेत्रों में सारी रात मिट्टी का खनन हो रहा है।
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सदर तहसील के सिकंदपुर गांव में खनन माफियाओं ने संबंधित विभाग के अधिकारियों और पुलिस से साठगांठ कर ऊसर में दर्ज, पांच बीघा सरकारी जमीन पर दिन-रात अवैध खनन जारी है। 10 से 15 फिट गहराई तक की मिट्टी निकाल कर खनन माफिया समतल जमीन को तालाब का रूप दे चुके हैं। इसी गांव के रहने वाले मो. कफील ने गुरुवार को डीएम, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय सहित अन्य अधिकारियों से अवैध खनन की शिकायत की है। यही हाल पूरे जिले का है। कोई ग्राम समाज की समतल जमीन को तालाब बना रहा है तो कोई खनन परमिट की शर्तों को अनदेखा कर निर्धारित से गहराई से अधिक मिट्टी निकाल रहा है। सूत्रों के अनुसार अवैध खनन रोकने के लिए जिसकी जितनी ज्यादा जिम्मेदारी है उसकी उतनी हिस्सेदारी तय होने से इसपर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
बलुई मिट्टी की ऊंची कीमत पर बिक्री होने से खनन माफियाओं ने नहर पटरियों पर नजर गड़ा दी है। जिले में कई स्थानों पर चोरी छिपे नहर पटरियों को काटकर मिट्टी निकाली गई है। तो कहीं नहर सफाई की आड़ में मानक से अधिक मिट्टी निकाल ली। इसी का नतीजा है कि नहरों में पानी छोड़े जाते ही खांदी कटने का सिलसिला शुरू हो गया है।
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जिला खनन अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि मौजूदा समय में सहजनी और हड़हा में खनन के परमिट दिए गए हैं। बताया कि अगर अवैध खनन की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। एडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि अवैध खनन की सूचना नहीं है। फिर भी राजस्व व खनन विभाग की टीम बनाकर जांच और कार्रवाई की जाएगी। नहरों में खनन के सवाल पर उन्होंने बताया कि अभी तक ऐसी शिकायत नहीं मिली है। जांच कराई जाएगी।
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