जिला प्रशासन ने बारिश से पहले 20 मई तक शहर के सभी नालों की सफाई करने का लक्ष्य तय किया था। नगर पालिका ने नालों की सफाई का दावा भी किया। नगर पालिका ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि शहर के 84 नालों की सफाई करा दी गई है। जो बचे हैं उनकी सफाई का काम तेजी से पूरा कराया जा रहा है।
डीएम गौरांग राठी ने आठ जून को अलग-अलग विभागों के 52 अधिकारियों को सभी 82 नालों की सफाई की जांचने के लिए स्थलीय निरीक्षण करने का आदेश दिया था। अधिकारी जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि पालिका के दावे कागजी हैं। ज्यादातर नालों की सफाई नहीं कराई गई। जिनकी सफाई हुई भी तो सिल्ट नहीं उठाई गई। कहीं नाले की पुलिया चोक मिली तो कहीं पॉलीथिन भरी मिली। अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि नाला सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरती गई है। इससे बारिश के समय शहर में जलभराव होने की संभावना है।
गंगाघाट नगर पालिका में भी औपचारिकता
गंगाघाट (शुक्लागंज) नगर पालिका में भी नालों की सफाई में औपचारिकता बरती गई। चार अधिकारियों ने आठ नालों की रिपोर्ट भेजी है, जिनमें सभी सिल्ट पटे मिले। एडीएम ने नगर पालिका ईओ से भी स्पष्टीकरण तलब किया है।
जांच में शहर के नालों की सही तरीके से सफाई न होने की पुष्टि हुई है। शासन की प्राथमिकता के इस काम को पूरा कराने के लिए नगर विकास विभाग ने 20 मई तक की समय सीमा तय की थी। इसके बाद भी नाले साफ न होना गंभीर अनियमितता है। नगर विकास विभाग और शासन को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी। -गौरांग राठी, जिलाधिकारी
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लापरवाही बरतने और पर्यवेक्षकों के खिलाफ कार्रवाई न करने को लेकर ईओ से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा उन पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भी भेजा गया है। नाला सफाई दोबारा कराई जाएगी, ताकि बारिश में जलभराव न हो। -अमिताभ यादव, एडीएम/प्रभारी स्थानीय निकाय