जिला अस्पताल के पर्चा काउंटर के बाहर लगी मरीजों की लंबी लाइन।
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उन्नाव। पटाखों के धुएं से दमा और सांस रोगियों की मुसीबत और बढ़ गई है। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। ओपीडी का पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। चिकित्सकों के अनुसार ओपीडी के कुल मरीजों में दस फीसदी ऐसे मरीज थे जो पटाखों के धुएं की वजह से बीमार पड़े। ऐसे मरीजों की सांस की नलिकाओं में संक्रमण हो गया है। मरीजों को कुछ दिन तक मॉर्निंग वाक से परहेज करने की हिदायत दी गई है।
दिवाली में पटाखों के अधिक प्रयोग से वातावरण में जहरीले धुएं व सूक्ष्म कणों ने जगह बना ली है। यह उन मरीजों के लिए हानिकारक है जो पहले से सांस व दमा रोग से पीड़ित हैं। चिकित्सक डा. शोभित अग्निहोत्री ने बताया कि सूक्ष्म कण सांस के जरिए सांस नलिकाओं तक पहुंच कर संक्रमण बढ़ा देते हैं। बुधवार को पटाखों के धुएं व प्रदूषित वातावरण से पीड़ित 200 से अधिक मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। सभी को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत थी। फिजीशियन डा. आलोक पांडेय ने बताया कि पटाखों के धुएं की वजह से लोगों को सूखी खांसी, जकड़न, छींक आना व छाती में दर्द की शिकायत हो रही है। यह परेशानी उन लोगों में अधिक है जो पहले से सांस व दमा रोग से पीड़ित हैं।
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2300 मरीजों ने कराया पंजीकरण
बुधवार को ओपीडी में पर्चा काउंटर के बाहर सुबह नौ बजे से ही लंबी लाइन लग गई थी। आम दिनों की अपेक्षा 400 से अधिक मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। बुधवार को पर्चा काउंटर पर 2300 मरीजों ने पंजीकरण कराया।
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दवा के लिए करना पड़ा इंतजार
ओपीडी में मरीजों की भीड़ अधिक होने से बुधवार को अफरा तफरी का माहौल रहा। ओपीडी में मरीजों में धक्का-मुक्की हुई। मरीजों को दवा लेने के लिए कई घंटे तक लंबी लाइन लगानी पड़ी।