10 साल बाद शुक्रवार को प्रदेश के सबसे बड़े पुल का तोहफा कानपुर-उन्नाव के लोगों को मिला। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने बिठूर-परियर-चकलवंशी गंगा पुल का औपचारिक लोकार्पण किया। पुल शुरू होने के बाद कानपुर और उन्नाव के बिठूर, परियर, चकलवंशी, पावा, मक्कापुरवा, बंगला, जूड़ापुरवा गांव की बड़ी आबादी को राहत मिली। पुल कानपुर को संडीला होते हुए हरदोई से भी सीधे जोड़ता है। इसके जरिए शुक्लागंज या जाजमऊ पुल की बजाय लोग बिठूर से सीधे उन्नाव और फिर कानपुर-लखनऊ हाईवे के जरिए लखनऊ भी आ-जा सकेंगे।
इस अवसर पर शिवपाल ने कहा कि 2006 में 24 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण शुरू कराया गया। बीच में बसपा सरकार में इसका काम ठप रहा। काम में देरी से गंगा की धारा दूसरी ओर चली गई। इसके चलते बीच में दूसरा पुल बनाना पड़ा। इससे लागत और लंबाई भी बढ़ गई। यह प्रदेश में सर्वाधिक लंबाई वाला पुल (लगभग दो किलोमीटर) बन गया है। यह पुल गंगा, कल्याणी नदी से गुजरा है। पुल निर्माण पूरा होने की अवधि दिसंबर-2016 निर्धारित थी। निर्धारित समय से सात माह पहले पुल बनकर तैयार हो गया है।
इनफो..
कुल लागत 80 करोड़
पुल की लंबाई 1839.36 (मीटर)
गंगा नदी पर 780.38 (मीटर)
कल्याणी नदी पर 119.20 (मीटर)
दोनों नदियों के बीच 940.36 (मीटर)
निर्माण शुरू 2006