उन्नाव। योजनाओं की प्रगति की फर्जी रिपोर्टिंग करने में पंचायतीराज विभाग के कर्मचारी भी पीछे नहीं हैं। दो विकासखंडों में स्वच्छ भारत मिशन फेज दो के तहत दिए गए शौचालयों के लक्ष्य को पूरा दिखा दिया गया। जबकि वेबसाइट पर ऑनलाइन चेकिंग में प्रगति रिपोर्ट काफी कम मिली। इसे गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ ने विकासखंड के कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है।
स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) फेज 2 में इस ब्लाक को 30 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था। 22 नवंबर को गूगल मीट के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में खंड प्रेरक बृजेश कुमार ने डीपीआरओ को बताया कि शौचालयों की जिओ टैग (निर्मित शौचालयों की फोटो अपलोड) कराई जा चुकी है। जबकि 23 नवंबर को जब केंद्र सरकार की वेबसाइट चेक की गई तो उसमें जिओ टैग की प्रगति मात्र 10 फीसदी ही मिली।
सुमेरपुर विकासखंड को भी 30 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था। 22 नवंबर को हुई समीक्षा बैठक में खंड प्रेरक संदीप कुमार व आकाश शुक्ला ने जानकारी दी कि सभी शौचालयों की जिओ टैग कराई जा चुकी है। जबकि जांच में केंद्र सरकार की वेबसाइट में प्रगति मात्र 10 प्रतिशत ही दिखी। यहां भी खंड प्रेरकों ने फर्जी रिपोर्टिंग करके अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास किया।
दो ब्लाकों के खंड प्रेरकों ने गूगल मीट के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में गलत रिपोर्टिंग की। जबकि दूसरे दिन वेबसाइट में शौचालयों की जांच में प्रगति खराब मिली। फर्जी रिपोर्ट देने के मामलों में तीनों प्रेरकों को नोटिस जारी करके जवाब है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर तीनों के खिलाफ अन्य कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी। निरीश कुमार साहू, जिला पंचायतराज अधिकारी।