उन्नाव। आजमगढ़ डीएम द्वारा सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को डंडे से पीटने की घटना से अभियंताओं में आक्रोश है। बुधवार को स्थानीय अभियंताओं ने पैदल मार्च निकाला और कलक्ट्रेट जाकर मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में आजमगढ़ डीएम को सेवा से बर्खास्त करने की मांग की।
उत्तर प्रदेश इंजीनियर्स एसोसिएशन के बैनर तले अभियंता शारदा खंड नहर कार्यालय में एकत्रित हुए। यहां पर सुबह 10 से दो बजे तक हाथ में काली पट्टी बांधकर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद यहां से पैदल कलक्ट्रेट के लिए निकले। डीएम कार्यालय पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन से जुड़े एक्सईएन शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि डीएम आजमगढ़ रविंद्र कुमार (द्वितीय) ने अधिशासी अभियंता सिंचाई को अपने आवास पर बुलाकर उनके साथ बदसलूकी की।
गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नियत से डंडे से उन्हें मारा। इस घटना से अभियंताओं में आक्रोश है। इसलिए मुख्यमंत्री से डीएम आजमगढ़ को भारतीय प्रशासनिक सेवा से तत्काल बर्खास्त करने, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई किए जाने और आजमगढ़ से पूर्व की तैनाती स्थलों पर वहां के अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति किए गए कार्य व्यवहार की समीक्षा के लिए सक्षम समिति का गठन करने के साथ उनके विरुद्ध केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियमावली के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा शासन द्वारा निर्धारित बैठकों में ही अभियंताओं को बुलाए जाने व वीडियोग्राफी भी कराने की मांग की। इससे पहले अभियंता ने कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड-2 श्रीराम यादव, फौजदार राम, नहर विभाग के सहायक अभियंता राहुल चौधरी, अमित वर्मा, अवर अभियंता सौरभ व संतोष वर्मा आदि शामिल रहे।