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एनसीसी में बढ़ा छात्राओं का रुझान

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डीएसएन कालेज में प्रशिक्षण लेतीं एनसीसी की छात्राएं। संवाद - फोटो : UNNAO
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नवाबगंज। नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के प्रति छात्राओं का रुझान बढ़ रहा है। हर साल आवेदन करने वालों की संख्या बढ़ रही है। सीटें कम होने से सभी को प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।
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जिले के 10 स्कूलों में एनसीसी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तीन साल का प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को ए, बी व सी सर्टिफिकेट दिया जाता है। सफीपुर के महात्मा गांधी इंटर कॉलेज व फतेहपुर चौरासी के जवाहर नवोदय विद्यालय में ए सर्टिफि केट की व्यवस्था है। अन्य नौ कॉलेजों में बी व सी प्रमाणपत्र दिए जाते हैं। युवाओं का रुझान जानने के लिए पिछले तीन साल के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पता चलता है कि 2017-18 में पुरुष व महिला कैडेटों की संख्या 750 थी। 2018-19 में यह संख्या बढ़कर 900 पहुंच गई। मौजूदा समय में 1100 युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसमें 750 पुरुष व 350 महिला कैडेट्स शामिल हैं। एनसीसी 57वीं बटालियन के कर्नल मनोज कुमार ने बताया कि छात्राओं में एनसीसी के प्रति रुझान काफी बढ़ा है। अभ्यर्थियों का चयन चिकित्सीय परीक्षण में फिट होने के बाद शारीरिक दक्षता व लिखित परीक्षा के आधार पर होता है। अब सरकार ने विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए एनसीसी को स्वैच्छिक विषय के रूप में शामिल किया है।
एनसीसी के लेफ्टीनेंट संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि एनसीसी ध्वज में लाल, नीला और आसमानी रंगों का मिश्रण होता है। लाल रंग थल सेना, नीला वायु सेना और आसमानी नौसेना को दर्शाता है। कैडेट्स को बी सर्टिफिकेट के बाद सेना में प्रवेश लेने पर बोनस अंक मिलते हैं। सी सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले कैडेट्स को सरकारी विभागों में सेना, आइटीबीपी, बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआइएसएफ में चयन में वरीयता दी जाती है। आईएमए (इंडियन मिलिट्री एकेडमी) में सीटें आरक्षित होती हैं।
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