महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों से ढाई लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला समाने आया है। धोखाधड़ी में फंसी महिलाओं ने गुरुवार को सीडीओ को शिकायती पत्र देकर संचालक पर गबन का आरोप लगाया। महिलाओं ने बताया है कि बचत के रुपये लेकर बैंक खाते में जमा नहीं किए गए। जिस पर बैंक ने ढाई लाख रुपये के साथ ही इस रकम पर ब्याज जमा करने के निर्देश जारी कर दिए। पीड़ित महिलाओं ने कार्रवाई की मांग की है।
सिकंदरपुर सरोसी के डीहा मजरे रऊ करना में संचालित आकांक्षा स्वयं सहायता समूह की सदस्यों ने गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी संजीव सिंह को एक शिकायती पत्र दिया। समूह का गठन दो दिसंबर 2009 में हुआ था। समूह का गठन राम प्रसाद गुप्ता ने कराया था। इस समूह में सुनीता को अध्यक्ष व सत्यवती को कोषाध्यक्ष चुना गया। वहीं सरोजनी, रामरती, सुमन, रामदुलारी, सावित्री, विशुना, चंदा, गुड्डी, फूलमती व प्रभा को सदस्य चुना गया। महिलाओं ने बताया कि वह बचत का पैसा व बैंक ऋण को क्षेत्र की ही आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में संचालित समूह के खाते में सुविधादाता रामप्रसाद गुप्ता के माध्यम से जमा कर रही थीं।
समूह की आखिरी बैठक दो फरवरी 2013 को हुई थी। जिसके बाद समूह का संचालन बंद हो गया। उन्होंने बताया कि इस बीच अमीन अरविंद कुमार अवस्थी ने उन्हें सूचना दी कि आकांक्षा स्वयं सहायता समूह का ढाई लाख रुपये से अधिक रुपया बकाया है। जिसे ब्याज सहित वह जमा कर दें। रुपये न जमा करने पर रिकवरी कराई जाएगी। समूह संचालन कर रहे युवक को हर माह बचत का पैसा पहुंचाने के बाद बकाया सुन होश उड़ गए। संचालक से महिलाओं ने संपर्क किया तो ठीक जवाब नहीं मिला। जिस पर महिलाएं गुरुवार को सीडीओ संजीव सिंह से मिली और घटना से अवगत कराया।