उन्नाव। जुमे के दिन बाजार बंद रखने के पोस्टरों का असर मुस्लिम मोहल्लों में देखने को मिला। इन मोहल्लों में ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। पुलिस ने पूर्व में बलवा, मारपीट व शांति व्यवस्था प्रभावित कर चुके 53 लोगों को चिह्नित कर गुरुवार रात से ही नजरबंद कर दिया था। पुलिस ने मुस्लिम बहुल्य क्षेत्र की ड्रोन से निगरानी की। डीएम और एसपी गश्त कर हालातों का जायजा लेते रहे। डीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से निपट गई।
तीन दिन पहले शहर में कुछ जगहों पर पोस्टर लगाकर शुक्रवार को बाजार बंद रखने की अपील की गई थी। शुक्रवार सुबह से ही धवन रोड और कसाई चौराहा समेत अन्य कई मोहल्लों में कुछ दुकानें व प्रतिष्ठान बंद रहे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन सक्रिय रहा। शुक्रवार सुबह बॉडी प्रोटेक्टर से लैस एक हजार पुलिस कर्मियों को कोतवाली में इकट्ठा कर अशांति फैलाने वालों से निपटने के बारे में बताया गया। इसके बाद ड्यूटी प्वाइंट पर लगा दिया गया। पुलिस, पीएसी व स्पेशल स्वॉट कमांडो टीम मुस्लिम बहुल्य क्षेत्रों में लगा दी गई। जैसे-जैसे जुमे की नमाज का समय हुआ पुलिस और सतर्क होती चली गई। डीएम रवींद्र कुमार, एसपी दिनेश त्रिपाठी ने गश्त कर हालातों का जायजा लेना शुरू कर दिया। शहर की जामा मस्जिद पर सौ पुलिस जवानों को लगाया गया था। जुमे की नमाज अदा करने के बाद लोग शांतिपूर्वक अपने घरों को चले गए। बांगरमऊ, हसनगंज, गंगाघाट में भी पुलिस की चौकसी से शांतिपूर्ण ढंग से जुमे की नमाज अदा हुई।
पुलिस ड्रोन कैमरा लेकर सुबह 10 बजे किला चौकी पहुंची। छतों पर ईंट-पत्थर जमा किए जाने की आशंका पर ड्रोन को उड़ाकर घर की हर छत का नजारा पुलिस के अधिकारियों ने देखा। मुस्लिम क्षेत्रों की हर गली व हर नुक्कड़ की गतिविधियों को कैमरे में कैद किया गया।
खाड़ी देश में रहकर नौकरी करने वाले अचलगंज के हड़हा के एक युवक ने सुबह जुमे के दिन भारत बंद का ट्वीट किया। इसको लेकर पुलिस हरकत में आई। हड़हा गांव को सुबह से ही पुलिस ने छावनी बना दिया। ट्वीट करने वाले युवक के परिजनों को नजरबंद कर लिया गया। पुलिस सोशल मीडिया पर नजर रख रही थी। एक ग्रुप पर भड़काऊ पोस्ट की गई। इस पर पुलिस ने पोस्ट डालने वाले से संपर्क किया। खुद को फंसता देख उसने पोस्ट डिलीट कर दी। एसपी दिनेश त्रिपाठी ने सर्विलांस टीम को सोशल मीडिया की निगरानी में लगाया है।
छिपयाना चौराहा पर बंद दुकानें व पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : UNNAO