उन्नाव। मियागंज विकासखंड की कनिगांव में निर्माणाधीन गोशाला में 4.96 लाख का गोलमाल सामने आया है। स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखीय जांच में इसका खुलासा होने पर सीडीओ ने प्रधान व सचिव से स्पष्टीकरण तलब किया है।
15 नवंबर को सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने कनिगांव में निर्माणाधीन गोशाला का निरीक्षण किया था। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया था कि तीन साल से गोशाला निर्माणाधीन ही है। यह सुनकर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए बीडीओ से संबंधित अभिलेख तलब किए थे। जांच के दौरान पता चला कि इससे संबंधित प्रस्ताव को जान-बूझकर दो भागों में विस्तृत रूप से तैयार कराया गया। पहला प्रस्ताव 2.49 लाख और दूसरा 2.47 लाख का है। दो पत्रावलियां भी एक ही वर्ष में बनाई गईं। सीडीओ ने इसे वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में माना। इस दौरान यह भी पता चला कि दोनों प्रस्तावों के सापेक्ष टेंडर प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया।
पहले प्रस्ताव की एडीओ पंचायत से प्रशासनिक स्वीकृति ली गई लेकिन स्वीकृति पत्र में धनराशि का कोई जिक्र ही नहीं किया गया। प्रथम द्रष्टया लग रहा है कि प्रधान व सचिव ने लाखों का अपने खाते में भुगतान कर सरकारी धन का गबन कर लिया। एडीओ पंचायत से दूसरे प्रस्ताव की प्रशासनिक स्वीकृति नहीं ली गई। मस्टर रोल में प्रधान, सचिव के हस्ताक्षर नहीं मिले। सीडीओ ने पाया कि मस्टर रोल फर्जी है। सीडीओ ने बताया कि जांच में लाखों का अनियमित भुगतान सामने आया है। इसके लिए सचिव व प्रधान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।