उन्नाव। सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की दुष्कर्म पीड़िता के चाचा को दिल्ली पुलिस तिहाड़ जेल से सोमवार को न्यायालय पेशी पर लेकर आई। अपर मुख्य न्यायाधीश तृतीय (एसीजेएम) की कोर्ट में फर्जी प्रार्थना पत्र देने के मुकदमें में वादी की जिरह पूरी हुई। एडीजे षष्ठ के यहां जानलेवा हमले के चल रहे मुकदमे में सजायाफ्ता दरोगा के तिहाड़ जेल से न आने पर गवाही नहीं हो सकी। अब एक दिसंबर को सुनवाई होगी।
दुष्कर्म पीड़िता के चाचा पर एडीजे षष्ठ कोर्ट में जानलेवा हमले व एसीजेएम तृतीय के यहां फर्जी प्रार्थना पत्र देने, दस्तावेजों में सफेदा लगा धोखाधड़ी करने, फर्जी आरोप लगा कब्र खुदवाने, पीड़िता की फर्जी टीसी बनवाने व अवैध वसूली समेत छह मुकदमे चल रहे हैं। बुधवार को दिल्ली पुलिस तिहाड़ जेल से चाचा को लेकर सुबह 10:30 बजे न्यायालय पहुंची। सजायाफ्ता दरोगा (विवेचक) केपी सिंह के तिहाड़ जेल से न आने पर एडीजे-6 के यहां चल रहे जानलेवा हमले के मुकदमे में गवाही नहीं हो पाई।
एसीजेएम तृतीय की कोर्ट में चल रहे फर्जी प्रार्थना पत्र देने के मुकदमें में वादी विनोद मिश्र की गवाही पूरी हुई। अन्य मुकदमों में कोई सुनवाई नहीं हो सकी। न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहे मानहानि के एक मुकदमे में आरोप तय किए गए हैं। चाचा से मिलने पहुंचे परिजनों को दिल्ली पुलिस ने मिलने नहीं दिया।