हसनगंज (उन्नाव)। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर दो दिन पहले सड़क हादसे में चार व्यापारियों की मौत पर किसी जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी के घर न पहुंचने से गुस्साए परिजनों ने शुक्रवार शाम लखनऊ बांगरमऊ मार्ग पर जाम लगा दिया। एसडीएम ने 15 दिन के अंदर सभी मांगे पूरी करवाने व मुख्यमंत्री से मिलवाने का भरोसा दिया। इस पर साढ़े तीन घंटे बाद परिजन शांत हुए और जाम खुला।
कल्लूपुरवा गांव के सामने तीन नवंबर को ट्रक ने कार सवार हसनगंज कस्बे के शिवनारायण, विजय कुमार, रमेश गुप्ता, राजेंद्र उर्फ बलराम गुप्ता को कुचल दिया था। चाराें की मौके पर मौत हो गई थी। दो दिन बाद भी कोई जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी सांत्वना देने घर नहीं पहुंचा। इससे आक्रोशित सभी मृतकों के परिवार के लोग शुक्रवार शाम चार बजे लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर कस्बे में ही सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कोतवाली पुलिस ने समझाने का प्रयास किया पर परिजन मुख्यमंत्री से मिलने और ट्रक चालक को फांसी देने समेत अन्य मांगे पूरी करने की जिद पर अड़ गए। कुछ देर बाद एसडीएम रामदत्त राम व सीओ आरके शुक्ल मौके पर पहुंचे और सड़क पर बैठी महिलाओं व पुरुषों को समझाने का प्रयास किया।
साढ़े तीन घंटे बाद एसडीएम ने 15 दिन के अंतराल में सभी मांगे पूरी करने व मुख्यमंत्री से मिलवाने की बात कही। इस पर परिजन शांत हुए। सड़क पर प्रदर्शन के दौरान मृतक विजय गुप्ता की पत्नी कामिनी, बच्चे शिवाय, दिव्यांशी, मृतक रमेश की बेटी प्रशंसा, परी, सिद्धि, मृतक राजेंद्र की पत्नी ज्योति, बेटा राम, बेटी पूजा व मृतक शिवनारायण के बेटा सत्यम, शिवम, मां प्रेमा समेत कस्बे के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
मृतकों के परिजनों ने एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मिलवाने, बच्चों को मुफ्त शिक्षा, आश्रितों को सरकारी नौकरी, 50-50 लाख रुपये आर्थिक मदद, ट्रक चालक पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की।
बसपा नेता विनय चौधरी ने शनिवार को मृतकों के परिजनों से मिले और ढांढस बंधाने के साथ ही 21 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी।