गंजमुरादाबाद। शुक्रवार रात महाराष्ट्र व लखनऊ एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) की संयुक्त टीम ने प्रधान के चचेरे भाई को उसके घर से उठा लिया और कार में बैठाकर साथ लेकर चली गई। वह पहले महाराष्ट्र में रहता था। फिर तेलंगाना राज्य के हैदराबाद में रहकर गमले का कारोबार करने लगा था। कुछ माह पहले ही वह गांव आया था। बताया गया है कि 10 साल पहले मुंबई में एक युवक की हत्या हुई थी। इसमें किसी पाकिस्तानी का नाम सामने आने और प्रधान के चचेरे भाई से उसकी फोन पर बात होने को आधार बना कॉल डिटेल के जरिये एटीएस उसे उठाकर ले गई। कन्नौज ले जाने के बाद छोड़ दिया। शनिवार को फिर लखनऊ बुलाकर पूछताछ की है।
चहोलिया गांव निवासी प्रधान आजाद का चचेरा भाई शकील 12 साल पहले कमाई के उद्देश्य से महाराष्ट्र गया था। वहां वह कन्नौज के घमयचामऊ निवासी अफसर व सकरी गांव निवासी इखलाक के साथ खोली में रहकर ऑटो चलाता था। पां साल पहले तेलंगाना राज्य के हैदराबाद में गमले का कारोबार करने लगा। सात माह पहले ही वह गांव लौटा था। शुक्रवार दोपहर पांच चौपहिया वाहनों से महाराष्ट्र व लखनऊ की एटीएस ने गांव में दबिश दी और शकील को लेकर चली गई। रात में उसे छोड़ दिया गया। शकील के चाचा प्रधान आजाद के अनुसार शकील 10 साल पहले मुंबई में रहकर ऑटो चलाता था। ऑटो बुक करने के लिए खोली के बगल में रहने वाले युवक (जिसे पाकिस्तानी बताया जा रहा) ने ऑटो बुक करने के लिए शकील फोन किया था पर उसने बुकिंग करने से मना कर दिया था। शकील की फोन पर हुई वार्ता के आधार पर एटीएस उसे ले गई। एटीएस उसे कन्नौज के घमच्यामऊ ले गई। उसे फिर से रात 11 बजे थाना बेहटामुजावर छोड़ गई। शकील का मोबाइल लेकर उसे शनिवार सुबह 11 बजे फिर से पूछताछ के लिए लखनऊ बुलाया गया। एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि महाराष्ट्र व लखनऊ एटीएस की संयुक्त टीम शुक्रवार को बेहटामुजावर थाना पहुंची थी। शकील नाम के युवक का उन्होंने ड्यू वारंट दाखिल किया और उसे लेकर चली गई। थाने में आमद व रवानगी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार पकडे़ गए युवक के पास सात साल पहले कुछ नहीं था। महाराष्ट्र जाने के बाद से अब तक उसने गांव में तीन बिसुआ का पक्का घर बनाया। कार, ट्रैक्टर के अलावा मल्लावां व बांगरमऊ में प्लॉट खरीदा। गांव में टेंट हाउस का कारोबार डाल लिया। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि गमला कारोबार में उसने अच्छी कमाई की। कुछ लोग उसकी इस कमाई पर सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस को आशंका है कि एटीएस द्वारा उठाए गए युवक के तार कई अन्य संदिग्ध लोगों से जुड़े हो सकते हैं। इसको लेकर पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है। हालांकि थाना से लेकर पुलिस उच्चाधिकारी अभी कुछ भी बताने से बच रहे हैं।