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सरकारी धन के बंदरबांट पर चला कार्रवाई का डंडा

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उन्नाव। ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार कर सरकारी धन के बंदरबांट करने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। फर्म के स्थान पर सीधे व्यक्ति के खाते में लाखों रुपये का भुगतान करने वाले पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है। दूसरे के निलंबन के लिए उप निदेशक को पत्र भेजा गया है। सचिव अनिल राना, प्रधान व तकनीकी सहायक से 9.64 लाख रुपये की बराबर-बराबर (3.21 लाख प्रत्येक से) वसूली कराने की संस्तुति करते हुए पत्र सीडीओ को भेजा है।
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मियागंज की ग्राम पंचायत हमीरपुर निवासी पवन कुमार दीक्षित ने सीडीओ को दिए शिकायतीपत्र में बताया था कि उसका बिनैका व आसीवन तरफ कादिरपुर में पंचायत भवन निर्माण का बकाया है। ग्राम विकास अधिकारी विपिन कुमार भुगतान नहीं कर रहे हैं। सीडीओ ने बीडीओ मियागंज पंकज गौतम को जांच के आदेश दिए थे। बीडीओ ने वर्तमान सचिव सर्वेश कुमार व सचिन थारू से दोनों पंचायतों के भवन निर्माण की पत्रावली, कैशबुक उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया लेकिन सचिवों ने पूर्व सचिव विपिन कुमार द्वारा पत्रावली चार्ज में न देने की जानकारी दी। ब्लाक स्तर पर मिले अभिलेखों से जांच की गई उसमें पता चला कि अभिषेक सिंह नाम के व्यक्ति के खाते में तीन बार में दो लाख 99 हजार 286 रुपये का भुगतान किया गया। नियमानुसार भुगतान फर्म के खाते में होना चाहिए। बीडीओ की रिपोर्ट के आधार पर डीडीओ मनीष कुमार ने सचिव विपिन को निलंबित करके विकासखंड सुमेरपुर से संबद्ध किया है। अंतिम जांच बीडीओ असोहा को सौंपी गई है।
मियागंज ब्लाक प्रमुख धर्मेंद्र सिंह की शिकायत पर गठित टीम में शामिल बीडीओ पंकज गौतम, आरईएस के अवर अभियंता मुकेश कुमार व लघु सिंचाई जेई राजेश कुमार ने अहमदपुर टकटौली, सुंधारी खुर्द, गोबरि, बिनैका, बसोखा मोहम्मदपुर का निरीक्षण किया था। हैंडपंप रीबोर, खड़ंजा निर्माण, सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन, इंटरलॉकिंग निर्माण में 19.78 लाख का घोटाला सामने आया था। इसमें पंचायत सचिव अनिल राना को दोषी पाया गया था। बीडीओ ने रिपोर्ट सीडीओ को भेजकर सचिव पर कार्रवाई और सरकारी राशि की रिकवरी कराने की संस्तुति की थी। अब इस मामले में डीपीआरओ ने सचिव के निलंबन के लिए उप निदेशक पंचायतीराज विभाग लखनऊ को पत्र भेजा है। डीपीआरओ गिरीशचंद्र साहू ने बताया कि अनिल राना प्रमोट होकर एडीओ पंचायत हो गए हैं। इस कारण उनका निलंबन अब उप निदेशक ही कर सकते हैं। इसलिए पत्र भेजा गया है।
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मियागंज अहमदपुर टकटौली में बने पंचायत भवन में मानक दरकिनार किए गए। आरईएस के अवर अभियंता मुकेश कुमार, एडीओ आईएसबी राजीव कुमार व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी भानु प्रताप ने गांव में जाकर निरीक्षण किया था। निरीक्षण में पंचायत भवन में हाल एवं मुख्य कक्ष की दीवार में नींव में चिनाई नहीं मिली। आरसीसी छत में एक जगह छेद मिला। प्लास्टर एवं दीवारों में दरारें थी। खामियों के बाद भी इस्टीमेट 13.36 लाख के सापेक्ष 11.66 लाख का भुगतान हो गया था। बीडीओ पंकज गौतम ने मानकविहीन पंचायत भवन निर्माण को सरकारी गबन की श्रेणी में मानते हुए सचिव अनिल राना को दोषी माना था। अब मनरेगा उपायुक्त राजेश कुमार झा ने मनरेगा से खर्च हुए 9.64 लाख रुपये की सचिव अनिल राना के अलावा प्रधान व तकनीकी सहायक से बराबर-बराबर (3.21 लाख प्रत्येक) से वसूली कराने की संस्तुति करते हुए पत्र सीडीओ को भेजा है।
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