पुलिस गिरफ्त में ऑनलाइन ठगी के आरोपी वीरेंद्र कमार व आलोक जायसवाल । संवाद
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उन्नाव। आधार बेस पेमेंट सिस्टम से धोखाधड़ी करने वाले दो लोगों को साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। सरगना को लखनऊ की विभूतिखंड थाना पुलिस करोड़ों की धोखाधड़ी में सितंबर माह में गिरफ्तार कर चुकी है। एसपी ने खुलासा करने वाली साइबर सेल टीम को 10 हजार का पुरस्कार देने की बात कही है।
आवास विकास कालोनी निवासी शिक्षिका सरिता गुप्ता व उनके पति अनुराग गुप्ता ने अगस्त में 2.20 लाख रुपये ऑनलाइन ठगी होने की रिपोर्ट सदर कोतवाली में दर्ज कराई थी। साइबर सेल प्रभारी अयनुद्दीन को पता लगा कि शिक्षक दंपती से ऑनलाइन ठगी आधार बेस पेमेंट सिस्टम के जरिये हुई थी। वह लगातार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान राजस्थान के करौली जिला के सुरौठ थाना क्षेत्र के हुक्मीखेड़ा गांव निवासी वीरेंद्र कुमार व महाराजगंज जिला के घनश्याम नगर वार्ड 12 निवासी आलोक जायसवाल उनकी पकड़ में आ गए। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि उन्होंने आधार बेस पेमेंट के जरिये शिक्षक दंपती के खाते से रुपये पार कर दिए थे। वीरेंद्र ने बताया कि वह कंप्यूटर केंद्र चलाता है। गिरोह का सरगना राहुल कुमार राय है। वह रजिस्ट्री विभाग की आईडी से अंगूठे की छाप निकाल लेता था और खातों में नकली अंगूठा लगाकर ठगी करता था।
आधार वेस पेंमेट सिस्टम का जानकार आलोक कुमार जायसवाल निर्धारित कमीशन से ज्यादा कमीशन लेकर गलत तरीके से खातों से धनराशि निकाल लेता था। इसका आपस में बंटवारा हो जाता था। शिक्षक दंपती से की गई धोखाधड़ी के बाद सरगना राहुल राय को दो साथियों समेत लखनऊ की विभूतिखंड थाना पुलिस ने 8 सितंबर को करोड़ों की धोखाधड़ी में गिरफ्तार किया था। एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि पकड़े गए शातिरों के पास से धोखाधड़ी से कमाए गए 1.90 लाख रुपये, तीन मोबाइल, एक लैपटॉप, छह सिम कार्ड, एक हार्ड डिस्क, दो डेबिड, क्रेडिट कार्ड बरामद किए हैं।