अजगैन। ग्राम सभा अजीजपुर में दो मुर्दों से मनरेगा में काम कराए जाने की शिकायत ग्रामीणों ने की है। इससे पहले भी एक मुर्दे के मनरेगा में काम करने की शिकायत हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों की मौत कई साल पहले हो चुकी है। फिर भी इनके नाम से मनरेगा के काम दर्शाए गए हैं। आरोप है कि जिलास्तरीय अधिकारियों ने जांच में खानापूर्ति करके भ्रष्टाचार करने वालों को अभयदान दे रखा है। ग्रामीणों का दावा है कि उनके पास इस मामले में पंचायत मित्र व सचिव की बातचीत का आडियो भी है। इसके बाद भी अधिकारी इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। अब वह लोग सीधे मुख्यमंत्री के जनता दरबार में जाकर शिकायत दर्ज कराएंगे।
शिकायतकर्ता रामकुमार मिश्रा ने बताया कि गांव में दो मृतक भी मनरेगा में मजदूरी कर रहे हैं। इनकी लगातार हाजिरी भी चढ़ाई जाती है। इनकी मौत कई साल पहले हो चुकी है। प्रदीप कुमार ने कहा कि वह लोग सीडीओ व मनरेगा उपायुक्त से शिकायत करके थक चुके हैं। केवल खानापूर्ति के लिए एक जांच टीम गठित कर दी गई। आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने सांठगांठ कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। रसूल अहमद का कहना है कि सादे कागज पर दस्तखत कराए जा रहे हैं। काम करने वालो को पैसा नहीं मिलता है। ठीक से जांच हो तो मनरेगा में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा होगा। मोहम्मद इश्तियाक खान ने कहा कि जब्बार की मौत छह साल पहले और खलील की मौत चार साल पहले हो चुकी है। खलील की 24 जुलाई से लेकर 6 अगस्त तक मनरेगा कार्य में हाजिरी दिखाई गई है। जब्बार को 24 जुलाई से 6 अगस्त तक काम करना दर्शाया गया है।
उन्हें शिकायत नहीं मिली है। फिर भी मामले की जांच कराएंगे। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
-दिव्यांशु पटेल, सीडीओ