औरास। जब्बरखेड़ा गांव निवासी रामकेतु के बेटे दीपू (26) ने शुक्रवार शाम पारिवारिक कलह के कारण जहर निगल लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे पीएचसी औरास लाए। गंभीर हालत देख उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजन जिला अस्पताल न ले जाकर एक प्राइवेट डाक्टर के यहां इलाज करा रहे थे। शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
अजगैन के इंद्रकुमार (35) पुत्र रामखेलावन लोध का शव शनिवार सुबह कमरे में फंदे से लटका मिला। पिता रामखेलावन ने पुलिस के मानसिक बीमार होने के कारण आत्महत्या की तहरीर पुलिस को दी है।
चर्चा है कि इंद्रकुमार का पांच दिन पूर्व पत्नी रन्नो से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद रन्नो अपने बेटे आकाश (12), अंशिका (10) व अंश (6) को लेकर माखी क्षेत्र स्थित परेंदा गांव अपने मायके चली गई थी। इंद्रकुमार परिवार मे अकेला रहता था। पत्नी व बच्चों के न आने पर वह अवसाद में रहने लगा था। इससे क्षुब्ध हो उसने आत्महत्या कर ली। मृतक पेशे से ट्रक चालक था। लॉकडाउन के बाद से कोई रोजगार न मिलने पर घर के खर्च को लेकर उसका पत्नी से झगड़ा होता था। सीओ आरके शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
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