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दुष्कर्म पीड़िता और पुलिस में छिड़ी रार, वायरल किया वीडियो

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बांगरमऊ। पति समेत छह अन्य लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली पीड़िता ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर कोतवाली के एक दरोगा व अन्य पुलिस कर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म पीड़िता को पुलिस सुरक्षा मिली है। सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों को चकमा देकर वह लखनऊ के बापू भवन पहुंच गई। वापस लाने पहुंची महिला सिपाहियों से जीप में मारपीट की। महिला सिपाहियों के मेडिकल कराने पर रिपोर्ट दर्ज होने के डर से झूठी कहानी रची है। सिपाहियों से मारपीट का भी वीडियो है।
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एक गांव निवासी महिला ने अपने पति समेत सात लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगा 18 फरवरी 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सभी नामजद लोगों के जेल जाने के बाद पीड़िता ने जान का खतरा बताकर तत्कालीन एसपी से सुरक्षा मांगी थी। इस पर दो शिफ्टों में एक महिला व एक पुरुष सिपाही की ड्यूटी लगाई थी। महिला लगातार नौकरी की मांग कर मुख्यमंत्री से मिलने की जिद कर रही थी। पुलिस उसे लखनऊ नहीं जाने दे रही थी। शुक्रवार को पीड़िता सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों को चकमा देकर लखनऊ चली गई। महिला की मोबाइल लोकेशन के आधार पर बांगरमऊ कोतवाली पुलिस लखनऊ के हजरतगंज पहुंची और महिला को जीप में बैठाकर वापस लाई। पीड़िता ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर आरोप लगाया है कि वह एक मुकदमे की पेशी पर जाने के लिए लखनऊ गई थी। पुलिस पीछे से पहुंची और उसे जबरन जीप में डाल लिया। कोतवाली के एक दरोगा ने पीटा और मोबाइल छीन लिया। छह घंटे बाद मोबाइल दिया गया। वहीं सुरक्षा में लगी महिला सिपाही गिरजा व सुमन का आरोप है कि लखनऊ से लाते वक्त रास्ते में महिला ने जीप में मारपीट की। मेडिकल कराने पर महिला को रिपोर्ट दर्ज होने का डर सताने लगा तो उसने मनगढ़ंत आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल कर दिया। सीओ बांगरमऊ आशुतोष कुमार ने बताया कि महिला को एसपी के समक्ष पेश किया जाएगा। वर्ष 2018 में भी महिला आत्महत्या की कोशिश कर चुकी है। इस पर उसके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी।
कोतवाल श्याम नारायण सिंह ने बताया कि महिला को उसके मायके व ससुराल पक्ष के लोगों ने छोड़ दिया था। पुलिस द्वारा ही उसे किराये का कमरा दिलाया गया। भोजन की भी व्यवस्था की जाती है। इसके बाद भी महिला सुरक्षा में लगी पुलिस कर्मियों से अभद्रता करती आ रही है। शुक्रवार को वह सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर लखनऊ चली गई थी। वापस लाने पर गर्भवती समेत एक अन्य महिला सिपाही से मारपीट की। उसके द्वारा लगाया गया मारपीट का आरोप निराधार है।
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