प्रीती भदौरिया का फाइल फोटो। संवाद
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उन्नाव। रेलवे जंक्शन से रनथ्रू गुजर रही गोरखपुर पनवेल एक्सप्रेस ट्रेन की रफ्तार कुछ धीमी हुई तो महिला सिपाही ने उतरने का प्रयास किया। वह प्लेटफार्म और ट्रैक के बीच में चली गई। ट्रेन से कटर उसकी मौत हो गई। यात्रियों के शोर पर ट्रेन रोकी गई। इस दौरान पांच मिनट ट्रेन रुकी रही।
पीडीनगर निवासी संदीप चौहान की पत्नी प्रीती (31) पुलिस विभाग में आरक्षी थी। इस समय वह लखनऊ एसपी कार्यालय में तैनात थी। वह रोजाना ट्रेन से ही आती-जाती थी। गुरुवार सुबह वह ड्यूटी करने के लिए आगरा इंटरसिटी से लखनऊ गई थी। शाम को वह गोरखपुर पनवेल एक्सप्रेस रनथ्रू एक्सप्रेस से वापस लौट रही थी। ट्रेन स्टेशन पर न रुकने से उसने चलती ट्रेन से उतरने का प्रयास किया। वह ट्रैक और ट्रेन के बीच में चली गई। इससे वह कट गई। स्टेशन मास्टर ने कंट्रोल रूम को सूचना देकर ट्रेन रुकवाई। शव के टुकड़े हो जाने से बिना ट्रेन जाए निकाला जाना संभव नहीं था। पांच मिनट बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया। ट्रेन जाने के बाद ही शव के टुकड़े निकाले गए। मृतका की छह साल पहले शादी हुई थी। पांच साल एक लड़का है। जीआरपी एसओ अविनाश कुमार ने बताया कि रनथ्रू ट्रेन से उतरते समय महिला की ट्रैक पर जाने से मौत हुई है।
महिला सिपाही प्रीती लखनऊ से पहले जिले की बांगरमऊ कोतवाली में भी तैनात थी। उसके बाद वह लाइन आ गई थी। उसके बाद न्यायालय परिसर में उसकी ड्यूटी लगाई जाती थी। बाद में मई 2021 में लखनऊ तबादला हो गया था। कानपुर में मायका व पीडीनगर में ससुराल होने से वह रोजाना ट्रेन से आती-जाती थी।