उन्नाव। अजगैन थाना क्षेत्र में बुधवार की देर रात पुलिस की पशु तस्करों से मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से तीन तस्कर घायल हो गए। दो पुलिस कर्मियों को भी छर्रे लगे हैं। दो अन्य तस्करों ने समर्पण कर दिया, जबकि छह चकमा देकर भाग गए। उधर, मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग से ग्रामीणों में दहशत रही।
घरों के बाहर बंधे पालतू व छुट्टा पशुओं को जंगल ले जाकर हत्या कर मांस बिक्री करने के धंधे में लिप्त पशु तस्कर बीते कई महीने से पुलिस के लिए चुनौती बने थे। एसपी अविनाश पांडेय के निर्देश पर स्वॉट टीम प्रभारी गौरव कुमार ने तस्करों तक पहुंचने के लिए जाल बिछाया।
बुधवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि दरियापुर में तस्कर मवेशियों को लेकर पहुंचेंगे। पुलिस ने रात से ही नाकाबंदी कर की, लेकिन देर रात तक तस्करों के न पहुंचने पर मायूस हो गई। पुलिस लौटने के बजाए सुबह चार बजे तक वहीं डटी रही। इसी बीच सूचना मिली कि वहां से सौ मीटर दूर तस्कर एकत्र हुए हैं।
इस पर स्वॉट टीम के साथ अजगैैन, सोहरामऊ व औरास समेत कई थानों की फोर्स ने घेराबंदी कर पशु तस्करों को आत्मसमर्पण के लिए ललकारा। पुलिस को देख पशु तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दही थाना क्षेत्र के जमुनाखेड़ा निवासी सलमान, लखनऊ के मड़ियाव थाना क्षेत्र के फजुल्लागंज निवासी लकी व मड़ियाव थाना क्षेत्र के पलटन छावनी निवासी मंगल कश्यप घायल हो गए। जमुनाखेड़ा गांव निवासी कल्लू व अजगैन के कुइथर निवासी मोनू ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। वहीं, छर्रा लगने से स्वॉट टीम के हेड कांस्टेबल खैरुल बशर व सर्विलांस टीम के राधेश्याम भी घायल हो गए। घायल तस्करों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं सिपाहियाें को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
पुलिस के मुताबिक लखनऊ के बंथरा निवासी सोनू, मौरावां के पारा निवासी शादाब, समीर खान, अनीश खान, शेट्टी, लखनऊ के निराला नगर मड़ियांव निवासी सूफियान मौके से भाग निकले।
एएसपी शशि शेखर सिंह ने बताया कि पशु तस्करों ने छह मवेशियों का वध किया है, जबकि तीन को पेड़ से बांधे थे। मांस का सैंपल लेकर अवशेष समेत दफन कराया गया है। मौके से पांच तमंचे, नौ कारतूस, एक चापड़, एक लोडर व एक बाइक बरामद की गई है। पकड़े गए अंतरजनपदीय आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी मंगल कश्यप के खिलाफ हसनगंज में दो मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है।