फोटो-45- गंगा एक्सप्रेसवे पर किमी संख्या 421 व 422 के बीच आई दरार व चलता मरम्मत का काम। संवाद
सोनिक (उन्नाव)। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के धंसने का मामला अभी तक चल रहा है। इसी बीच अब मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे में दरार आने से कार्यदायी संस्था ने आनन-फानन मरम्मत शुरू कराई। जबकि कर्मचारी दरार आने की बात से इन्कार करते रहे।
29 अप्रैल को मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण हुआ था। इसकी पोल भी पहली बारिश में ही खुलने लगी है। कार्यदायी संस्था से जुड़े सूत्रों के अनुसार, प्रयागराज से मेरठ जाने के दौरान किमी 421 से 422 के बीच मुर्तजानगर नहर पुल पर करीब 70 मीटर रोड में दरार आई है।
इसके बाद ही कार्यदायी संस्था ने उसमें डामरीकरण का कार्य शुरू कराया है। साथ ही एक्सप्रेसवे के किनारे भी कट रही मिट्टी को रोकने के लिए आरसीसी की ढलाई शुरू की है। जहां पर डामरीकरण का कार्य चल रहा है, वहां मौजूद कर्मचारी ने बताया कि वाहन निकलने के दौरान जर्किंग आ रही थी। जिसके लिए इस पर एक लेयर डामर की नई कोट डलवाई जा रही है। इस कार्य के होने से समस्या दूर हो जाएगी। टोल मैनेजर गौरव शर्मा ने बताया कि मरम्मत चलता रहता है। एक्सप्रेसवे पूरी तरह से ठीक है।