उन्नाव। बिजली न देने और हजारों का बल थमाने के मामले में उपभोक्ता फोरम ने विद्युत विभाग पर अर्थदंड लगाया है। फोरम ने जारी कए गए बिलाेें को निरस्त करने और पीड़ितों को वाद व्यय देने के आदेश बिजली विभाग को दिए हैं।
29 जून 1998 को मोहान कस्बे में बिजली विभाग की ओर से कैंप लगाया गया था। यहां पर हसनगंज तहसील के साकिन बीबीपुर गांव निवासी बांकेलाल, नन्हेलाल, केशन सिंह, इफ्तेकार अली आदि 15 ग्रामीणों ने बिजली कनेक्शन के लिए 600-600 रुपये शुल्क जमा किया था।
शुल्क जमा किए जाने के बाद भी विद्युत विभाग की ओर से न खंभे लगाए गए और ना ही तार खींचे गए। यही नहीं ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन भी नहीं दिया गया, लेकिन विभाग ने गांव के लोगों को हजारों रुपये के बिल भेज दिए। कई बार बिजली अधिकारियों से लिखित शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली और 18 जनवरी 2014 को परिवाद दाखिल किया। फोरम ने एक्सईएन द्वितीय को नोटिस भेजी। अधिशासी अभियंता ने शपथपत्र और जांच आख्या दाखिल की।
विभाग की ओर से दाखिल किए गए जवाब में यह स्वीकार किया गया कि ग्रामीणों ने बिजली कनेक्शन के लिए पैसे जमा किए थे। यह भी स्वीकार किया गया गांव में विद्युतीकरण का कार्य विभाग को भेजा गया था लेकिन विभागीय कार्य प्रगति न होने के कारण उसे कराया नहीं जा सका था।
फोरम अध्यक्ष मतांबर सिंह व सदस्य अशोक कुमार यादव और चंचल जैन ने प्रत्येक ग्रामीण के विरुद्ध जारी किए गए बिल में अंकित धनराशि को निरस्त करते हुए 2500 रुपये प्रत्येक ग्रामीण को वाद व्यय के रूप में देने के आदेश दिए। यह भी कहा कि विद्युत विभाग चाहे तो पीड़ितों को दिए जाने वाले संशोधित बिल की देयराशि में वाद व्यय को समायोजित कर सकता है।