उन्नाव की मियागंज सीएचसी भेजी गईं कोविड वैक्सीन की 4000 डोज सीएचसी परिसर में रह रही एक महिला के घर से मिलने का मामला शासन तक पहुंच गया है। क्षेत्रीय भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री कार्यालय में इसकी शिकायत की थी। बड़े पैमाने पर खामिया मिलने पर सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी को हटाकर संक्रामण रोग नियंत्रण इकाई में संबद्ध कर दिया है।
एएनएम से प्रतिरक्षण अधिकारी का चार्ज छीन लिया है। घर के फ्रिज में वैक्सीन रखने वाली जिस महिला को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बताया गया था, जांच में वह विभाग में किसी पद पर तैनात नहीं पाई गई। उसके दिवंगत पिता सीएचसी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। जांच के लिए चार सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है। डीएम रवींद्र कुमार के आदेश पर हुई जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है।
सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि सीएचसी प्रभारी डॉ. आफताब के स्थान पर इसी सीएचसी में तैनात डॉ. संदीप मिश्रा को सीएचसी प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। एएनएम संगीता पटेल को प्रतिरक्षण अधिकारी की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। मियागंज सीएचसी में तैनात डॉ. संदीप मिश्रा को प्रभारी बनाया गया है। जांच कमेटी में जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. धीर सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नरेंद्र सिंह, रेफिजरेटर मैकेनिक सुनील कुमार और वैक्सीन कोल्ड चेन मैनेजर नीरज निगम को शामिल किया गया है। जांच टीम को तीन दिन में रिपोर्ट देनी होगी।
सामने आईं ये खामियां
बिना वैक्सीन लगवाए ही लोगों के मोबाइल पर वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने का मैसेज पहुंचने और वैक्सीन सीएचसी परिसर में रह रही दिवंगत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मनीराम की बेटी रानी के घर में मिलने के मामले की शुरुआती जांच में बड़ी खामियां सामने आई हैं। जांच अधिकारी सीएचसी प्रभारी डॉ. अफताब की इस सफाई को पचा नहीं पा रहे हैं कि आईएलआर (आइसलाइंड रेफ्रिजरेटर) खराब होने से वैक्सीन को महिला के घर रखवाया गया था।