यघरों में बिना टोटी और मीटर बॉक्स के कनेक्शन। संवाद
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। जल निगम का दावा है कि शहर के 30 हजार घरों में जुलाई के पहले हफ्ते से जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। हालांकि अभी तक केवल 16 हजार घरों में ही कनेक्शन हो पाए हैं। इससे समय सीमा पांचवीं बार बढ़ सकती है।
शहर और शुक्लागंज के छह लाख लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए 253 करोड़ लागत वाली अमृत (अटल मिशन फॉर रिजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन) योजना 2018 में शुरू हुई थी। अमृत योजना को जुलाई 2020 तक पूरा करना था। कोरोना के कारण काम रुकने और बजट मिलने में देरी से समय छह महीने बढ़ाकर मार्च 2021 किया गया। इसके बाद मार्च 2022 और फिर जुलाई 2022 किया गया। पहले चरण में उन्नाव शहर के 30 हजार घरों में कनेक्शन देकर जुलाई के पहले ही सप्ताह में जलापूर्ति देनी है। हालांकि नौ जून तक केवल 16 हजार घरों में ही कनेक्शन हो पाए हैं।
जल निगम को भूमिगत पाइप लाइन से घरों के भीतर तक एक नल का कनेक्शन देना है। इसमें पानी की खपत का एक मीटर, उसे ढकने के लिए बॉक्स और पीतल की एक टोटी लगानी है। लोगों के टोकने पर टोटी अभी स्टॉक में न होने की बात कहकर टाल रहे हैं। कई जगह मीटर के बॉक्स भी नहीं लगाए गए। निर्माण एजेंसी को पीतल की जो टोटी लगानी है उसकी बाजार में कीमत दो सौ रुपये हैं।
जल निगम के एक्सईएन केके कटियार ने बताया कि नगर पालिका की ओर से 20 फीसदी राशि के 62.4 करोड़ रुपये अभी तक नहीं मिले हैं। भूमिगत पाइप लाइन बिछाने के लिए रेलवे, सिंचाई विभाग और एएचएआई से एनओसी मिलने में देरी ने योजना पर ब्रेक लगाया। कनेक्शन का काम तेजी से कराया जा रहा है। जून महीने में अधिक से अधिक घरों में पाइप डालकर कनेक्शन देने का प्रयास किया जा रहा है। अगर कनेक्शन के साथ कर्मचारी मीटर बॉक्स और टोटी नहीं लगा रहे हैं तो वह लिखित शिकायत करें। कार्रवाई की जाएगी।