खस्ताहाल असोहा-सोहरामऊ से आवागमन करता बाइक सवार। संवाद
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असोहा। सात किमी लंबे असोहा-सोहरामऊ मार्ग पर दो सौ गड्ढे हैं। इस कारण 30 हजार की आबादी को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। गड्ढा मुक्त अभियान में इस मार्ग की सुधि नहीं ली गई। जिम्मेदारों की बात भी गले नहीं उतर रही हैं। जवाब के बजाय खुद ही सवाल करते हैं कि कि पता नहीं अभियान में मरम्मत के लिए इस सड़क को चिह्नित करना कैसे छूट गया। हालांकि अब तो गड्ढा मुक्त अभियान की समय सीमा भी खत्म हो चुकी है।
दो विधानसभा क्षेत्रों पुरवा व मोहान और असोहा ब्लाक को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाला सात किमी लंबा असोहा-सोहरामऊ मार्ग मरम्मत न होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। कई जगह सड़क पर फैली गिट्टी हादसों की वजह बनती है। प्रदेश सरकार ने सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए 15 सितंबर से 15 नवंबर तक दो महीने का अभियान चलाया था। हालांकि समय पर काम पूरा न होने पर समय सीमा बढ़ाकर 30 नवंबर की थी। फिर भी काम बाकी बचा तो पांच दिन का और समय देते हुए समय सीमा पांच दिसंबर कर दी।
पाठकपुर ग्राम प्रधान चमन सिंह ने बताया कि पांच वर्षों से मार्ग की मरम्मत नहीं हुई है। इस कारण सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। दीपक, सतीश अग्निहोत्री, सुरेंद्र, संतोष कुशवाहा, विक्की गौतम, सुधीर, आकाश पांडेय ने डीएम से मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की है।
गड्ढा मुक्त अभियान में यह मार्ग कैसे छूट गया, इसकी जांच कराई जाएगी। जो मार्ग ज्यादा खराब हैं और पैचवर्क करके भी गड्ढा मुक्त नहीं किए जा सकते हैं। उन्हें मरम्मत में शामिल कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। हो सकता है यह मार्ग भी उसमें शामिल हो। जानकारी कर उचित कदम उठाए जाएंगे।
-हरदयाल अहिरवार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी