असोहा के गोसाईखेड़ा केंद्र के गोदाम में रखे धान के बोरे दिखाता सचिव। संवाद
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उन्नाव। धान खरीद में किसानों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। केंद्रों पर उपज डंप होने से खरीद प्रभावित हो रही है। इससे धान बेचने की उम्मीद में केंद्र पर पहुंच रहे किसानों को मायूसी हाथ लग रही है।
जिले में एक नवंबर से धान खरीद शुरू हुई थी। 29200 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 3385 एमटी धान खरीदा जा चुका है। इसमें खाद्य विपणन विभाग द्वारा नियुक्त किए गए ठेकेदारों के माध्यम से 1279 एमटी धान मिलर को भेजा जा चुका है। शेष 2106 मीट्रिक टन धान अभी भी केंद्रों पर ही लगा हुआ है। इस कारण कई केंद्रों के गोदाम फुल हो चुके हैं। इससे प्रभारियों ने खरीद भी बंद कर दी है।
मौरावां। हिलौली सरकारी धान क्रय केंद्र में अब तक मात्र 560 क्विंटल की खरीद हुई है लेकिन उठान नहीं हो रहा है। जिस कारण केंद्र का गोदाम फुल होने की कगार पर है। एडीओ सहकारिता मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि केंद्र से धान उठान न होने से गोदाम में जगह नहीं बची है। यदि जल्द ही धान की बोरियां नहीं उठती हैं तो खरीद बाधित हो सकती है।
असोहा। गोसाईंखेड़ा धान क्रय केंद्र पर भी उठान न होने से 698 क्विंटल उपज डंप है। वहीं बोरे भी खत्म हो गए हैं। इस कारण केंद्र पर धान खरीद नहीं हो रही है। किसान मायूस होकर केंद्र से लौट रहे हैं। प्रभारी सुरेंद्र कुमार का कहना है कि उठान न होने से गोदाम बोरियों से फुल हो चुका है। जगह व बोरियां न होने से खरीद बंद कर दी गई है।
केंद्रों से उठान हो रही है। कुछ केंद्रों पर उठान में समस्या आने की जानकारी हुई है। इसके लिए संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी की जा रही है। नोटिस के बाद भी धान नहीं उठाया तो कार्रवाई शुरू की जाएगी।
-श्याम मिश्रा, जिला खाद्य विपणन अधिकारी