शहर के मुख्य मार्ग पर सफाई करने के बाद चूने का छिड़काव करते नगर पालिका कर्मी। संवाद
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उन्नाव। केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण में जिले की तीन नगर पालिकाओं में से दो की रैंकिंग में सुधार हुआ है। एक का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उन्नाव नगर पालिका की रैंकिग में पिछले साल की अपेक्षा इस बार 23 अंक बढ़े हैं। बांगरमऊ ने 263 अंक की बढ़त हासिल की है। गंगाघाट नगर पालिका की रैंकिंग में सात अंक कम हुए हैं। इसका प्रमुख कारण शहरियों में स्वच्छता को लेकर आई जागरूकता रही।
देश के नार्थ जोन में एक से 10 लाख तक की आबादी वाली 372 नगर पालिकाओं में शामिल उन्नाव नगर पालिका ने स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में 23 अंकों की बढ़त हासिल की है। वर्ष 2021 के घोषित किए गए स्वच्छता सर्वेक्षण में उन्नाव नगर पालिका 259वें नंबर पर है। वहीं 25 से 50 हजार आबादी वाली नार्थ जोन की 200 नगर पालिकाओं में शामिल बांगरमऊ नगर पालिका इस बार 131वें नंबर पर है। वर्ष 2020 में यह 394वें नंबर पर रही थी। 50 हजार से एक लाख तक की आबादी वाली नार्थ जोन की 95 नगर पालिकाओं में शामिल गंगाघाट नगर पालिका 9वें नंबर पर है।
वर्ष 2020 में सर्वेक्षण में दूसरा स्थान हासिल कर स्वच्छता अवार्ड जीता था। स्वच्छ भारत मिशन के जिला प्रबंधक अभिषेक कुमार ने बताया कि उन्नाव नगर पालिका में एफएसटीपी (फिकल स्लट ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण और शहर वासियों में आई स्वच्छता के प्रति जागरूकता रैंकिंग में सुधार की बड़ी वजह बनी है। उन्होंने बताया कि रैंकिंग में और सुधार करने का प्रयास रहेगा। एसडीएम सदर/प्रभारी नगर नगर पालिका ईओ सत्यप्रिय सिंह ने कहा कि बहुत जल्द व्यवस्था में सुधार होगा। कूड़ा निस्तारण की दुरुस्त व्यवस्था और जन जागरूकता के जरिये 2022 में टॉप पर आने का प्रयास होगा।