उन्नाव। एस्मा लागू होने और छह के निलंबन के बाद भी साधन सहकारी समिति के सचिव बुधवार को काम पर नहीं लौटे। अधिकांश केंद्रों पर ताले बंद रहे। इससे धान खरीद नहीं हो सकी। 145 क्रियाशील समितियों में भेजी गई इफको डीएपी भी सचिवों ने नहीं उतरवाई। किसान धान खरीदने के लिए केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं।
छह साथियों पर कार्रवाई के बाद भी सचिवों ने बुधवार को हड़ताल खत्म नहीं की। हसनगंज ब्लाक क्षेत्र में 10 साधन सहकारी समिति व तीन तीन धान क्रय केंद्र सचिवों की हड़ताल से बंद रहे। बिछिया की 12 साधन सहकारी समितियों में ओरहर, मुर्तजा नगर, हुसैन नगर, जमुका, गदनखेड़ा ग्रामीण, घूरखेत, जरगांव, पड़री कला, बिछिया, कुईथर, रुपऊ, मुलुक गड़ार व कोरारी कला में ताला बंद रहा। असोहा के गोसाईंखेड़ा व हिलौली की समिति में एक धान खरीद नहीं हुई। फतेहपुर चौरासी की बबुरिहा में भी धान खरीद नहीं हुई। बांगरमऊ क्रय विक्रय परिसर में स्थित पीसीएफ के धान क्रय केंद्र में ताला लटका रहा। सिकंदरपुर कर्ण की रानीगंज में केंद्र तो खुला लेकिन एक भी किसान नहीं पहुंचा। समितियों में तालाबंदी से किसानों को खाद के लिए भी भटकना पड़ रहा है। बिछिया के किसानों में बृजकिशोर शुक्ला, महेश कुमार, शिवशंकर, हरिश्चंद्र व नजीर अहमद ने बताया कि चार दिनों से डीएपी को लेकर समितियों के चक्कर लगा रहा हैं। खाद नहीं मिल पा रही है।
उत्तर प्रदेश संयुक्त सहकारी संघ के प्रदेश महामंत्री अशोक कुमार अवस्थी ने बताया कि अभी सचिवों की हड़ताल खत्म नहीं की गई है। गुरुवार को लखनऊ में प्रदेश पदाधिकारियों की आपातकालीन बैठक बुलाई गई है। इसमें हुए निर्णय के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दबाव में एक-दो केंद्र खुलवा लिए हैं लेकिन सचिव काम नहीं कर रहे हैं।
सहायक निबंधक सहकारिता वीरेंद्र बाबू दीक्षित ने दावा किया कि पीसीएफ के 23 केंद्रों में 20 केंद्र बुधवार को खुल गए हैं। बौनामऊ सहकारी केंद्र का तहसीलदार की उपस्थिति में ताला तुड़वाकर खरीद केंद्र खुलवाया गया है। समितियों को डीएपी भेजी गई है।
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि बुधवार को आई 2636 एमटी डीएपी की रैक जनपद को मिल चुकी है। बुधवार को पीसीएफ के केंद्रों को 442 एमटी डीएपी आवंटित कर दी गई है। शेष को गुरुवार को भेजी जाएगी।