तहसील सभागार के सामने धरने पर बैठे दंपति व बच्चे। संवाद
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सफीपुर। संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे दंपती बच्चों सहित तहसील सभागार के सामने धरने पर बैठ गए। वह भतीजों पर जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप लगा रहे थे। एडीएम ने दंपती और भतीजों को बुलाकर बात सुनी और निस्तारण के आदेश दिए। वहीं, सूदखोर की प्रताड़ना से तंग आकर मृतक के परिजन भी तहसील पहुंचे और डीएम से न्याय की गुहार लगाई। डीएम ने आरोपी सूदखोर पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के आदेश सीओ को दिए।
संपूर्ण समाधान दिवस में थाना फतेहपुर चौरासी के गांव रायपुर निवासी अजय प्रताप पत्नी व तीन बच्चों के साथ पहुंचे और सभागार के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने अपने मृतक भाई देशराज के दो पुत्र अरुण व दिग्विजय पर आरोप लगाया। बताया कि भतीजों ने उसके खेतों की मेड़ तोड़कर मां राजपती की 14 बीघा भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। जांच के आदेश के बाद भी न्याय नहीं मिला। इस पर एडीएम नरेंद्र सिंह ने दूसरे पक्ष को भी बुलाकर बात सुनी। एसडीएम को तुरंत मामले का निस्तारण करने के आदेश दिए। वहीं भतीजे दिग्विजय ने बताया कि उसकी मां ने 2003 में उसके पिता देशराज को वसीयत कर दी थी। इसका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है।
बाद में समाधान दिवस में पहुंचे डीएम रवींद्र कुमार के सामने अब्दुल्लापुर निवासी शिवकली के साथ उसकी पांच बेटियां पहुंची। शिवकली ने डीएम को बताया कि गांव के सूदखोर ने उनके पुत्र श्रीकांत को एक लाख रुपये उधार देकर ब्याज के नाम पर एक बीघा भूमि बैनामा करने का दबाव बनाया था। इस पर बेटा मानसिक तनाव में आ गया था। 29 अक्तूबर को उसकी मौत हो गई थी। कोतवाली पुलिस को सूदखोर के विरुद्ध तहरीर दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीएम ने सीओ अंजनी कुमार राय को मामले को देख रिपोर्ट दर्ज करके जांच करने के लिए कहा।
नगर पंचायत के फरीना बानो सहित पांच वार्ड सदस्यों ने शिकायत करते हुए कहा कि अधिशासी अधिकारी सड़क व नाली का निर्माण नहीं करा रहे हैं। डीएम ने जांच कराकर कार्रवाई की बात कही। डीएम के सामने 101 प्रार्थनापत्र पहुंचे। इसमें मात्र तीन का ही मौके पर निस्तारण हो सका। इस दौरान विधायक बंबालाल दिवाकर, एसपी दिनेश त्रिपाठी, सीडीओ दिव्यांशु पटेल, एसीएमओ डॉ. ललित कुमार, एसडीएम सफीपुर आरएस मौर्या मौजूद रहे।