परियर। गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। कटरी के लोगों को बाढ़ आने की आशंका से तैयार फसल डूबने का डर सता रहा है। प्रभावित गांवों के किसान चितिंत हैं। ग्रामीण नाव से खेत आ और जा रहे हैं। पशुओं के चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। लोग दिन रात पानी पर नजर रख रहे हैं।
दो दिन से गंगा नदी का जलस्तर फिर बढ़ना शुरू हो गया है। बुधवार को जलस्तर 111.660 मीटर पर पहुंच गया। यह चेतावनी बिंदु 112 मीटर से मात्र 34 सेमी दूर रह गया है। इस कारण सदर तहसील के गंगा किनारे बसे माना बंगला, बाबू बंगला, देवीपुरवा, बंदनपुरवा, लालतुपुरवा, पनपता, धनकुखेड़ा, कोलवा, जुड़ापुरवा, पटियारा, महानंदपुरवा, बेनीपुरवा, टेपरा व अतरी सहित दो दर्जन गांवों के लोग बाढ़ आने की शंका से चितिंत है। किसानों को अपनी तैयार तरोई, लौकी, भिंडी, कद्दू, धान, मक्का की फसल के डूबने का डर सताने लगा है। ग्रामीण बढ़ते जलस्तर पर दिन-रात नजर रख रहे हैं। गांव के विनोद निषाद, राजकुमार, अशोक, ओमप्रकाश, बाबू, प्रकाश, श्रीराम गौतम, रमेश, लालाराम, फकीरे व रामबाबू निषाद ने बताया कि पिछली बार आई बाढ़ से फसल व गृहस्थी बर्बाद हो गई थी। उसकी भरपाई अभी तक नहीं हो पाई है। अब फिर बाढ़ की स्थिति से धड़कनें तेज हो गई हैं।