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प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद निकाले 95 लाख

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उन्नाव। प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासक अवधि में दो ग्राम पंचायतों में 95 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। इसकी जानकारी पर शासन ने जांच के आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन ने दोनों पंचायतों में खर्च राशि की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित कर दी है।
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25 दिसंबर 2020 को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया था। इसके बाद प्रशासन ने एडीओ पंचायत को बतौर प्रशासक तैनात किया था। हालांकि 31 मई तक की प्रशासक अवधि में कई ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये भुगतान के नाम पर निकाले गए। इसकी जानकारी शासन तक पहुंची तो प्रशासक अवधि यानी लगभग पांच माह में 25 लाख से अधिक का भुगतान करने वाली ग्राम पंचायतों की जांच के आदेश दिए गए। आदेश मिलने पर पड़ताल शुरू कराई तो इससे ज्यादा का भुगतान पाया गया। पता चला कि असोहा विकासखंड की ग्राम पंचायत कांथा में 67 लाख रुपये निकल गए। वहीं हिलौली की पंचायत अकोहरी में 25 लाख का भुगतान किया गया। सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने डीएम के आदेश पर दोनों ग्राम पंचायतों में खर्च राशि की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित कर दी। पहली टीम में परियोजना निदेशक डीआरडीए (जिला ग्राम्य विकास अभिकरण) और ब्लाक के अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को शामिल किया गया है। यह टीम कांथा में हुए 67 लाख के भुगतान की जांच करेगी। दूसरी टीम में शामिल जिला विकास अधिकारी व हिलौली आरईएस के अवर अभियंता को अकोहरी ग्राम पंचायत में ग्राम निधि खाते से निकली राशि की जांच दी गई है।
प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासकों को सिर्फ हैंडपंप मरम्मत, सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन के निर्माण का भुगतान करने की छूट दी गई थी। इसके विपरीत कई अन्य कार्यों के नाम पर भी भुगतान कर दिया गया। लोगों का कहना है कि यदि गहनता से जांच होगी तो और गड़बड़ी सामने आ सकती है।
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दो ग्राम पंचायतों में प्रशासकों ने 25 लाख से अधिक खर्च किए थे। शासन के आदेश पर इन पंचायतों की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट में अगर अनियमित भुगतान की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
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दिव्यांशु पटेल, मुख्य विकास अधिकारी
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