असोहा/उन्नाव। प्रेमिका से अनबन के चलते प्रेमी ने आधी रात को उसे फोन करके गांव के बाहर बुलाया और विवाद के बाद गोली मार दी। घायल युवती को गंभीर हालत में स्वास्थ्य केंद्र से कानपुर रेफर कर दिया गया। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। युवती के चाचा की तहरीर पुलिस ने युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। थानाध्यक्ष ने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
लखनऊ के कृष्णानगर कोतवाली क्षेत्र के रायपुरी निवासी योगेंद्र रावत उर्फ छोटू मूल रूप से असोहा थानाक्षेत्र के शिवसिंह खेड़ा गांव का रहने वाला है। गांव आने-जाने के दौरान पास के गोरिंदा गांव निवासी रिश्ते के मौसा चंद्रशेखर रावत की बेटी सीता (19) से प्रेम प्रसंग चलने लगा। युवती के परिजनों ने कई बार इसका विरोध भी किया मगर योगेंद्र नहीं माना। मंगलवार रात करीब बारह बजे योगेंद्र ने सीता को फोन किया और मिलने के लिए गांव के बाहर बुलाया। सीता अपनी चचेरी बहन सोनी से शौच जाने की बात कहकर घर से निकली थी।
करीब एक घंटे बाद वह लहूलहान हालत में घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई। परिजनों ने उसे आनन-फानन स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां से नाजुक हालत को देखते हुए परिजन कानपुर हैलट चले गए। गोली युवती के सीने में लगी है। युवती के चाचा रामू की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। थानाध्यक्ष अवनीश यादव ने बताया कि घटना की जांच के साथ ही आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि घायल युवती की हालत अभी ठीक है।
बीते रविवार को हुई थी आरोपी के पिता की मौत
उन्नाव। प्रेमिका को गोली मारने वाले युवक के पिता पुलिस में सीओ (क्षेत्राधिाकारी) थे। वह इन दिनों बलरामपुर जिले के उतरौरा में तैनात थे। बीते रविवार को उनकी हार्टफेल होने से मौत हो गई थी। सोमवार को पैतृक गांव शिवसिंह खेड़ा में अंतिम संस्कार हुआ था। तभी से योगेंद्र यहीं अपने गांव में था।
बिगड़ैल बेटे से परेशान थे
उन्नाव। बिगड़ैल बेटे की हरकतों से सीओ भी अक्सर परेशान रहते थे। 16 सितंबर को योगेंद्र ने गांव में एक लोडर चालक को बुरी तरह पीटा था। पीड़ित की तहरीर पर असोहा थाने में योगेंद्र के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी। जानकारी होने पर सीओ गांव आए थे और थाने पहुंचकर मामले को खत्म करने का प्रयास भी किया था। मगर थानाध्यक्ष ने विवेचना के आधार पर ही कार्रवाई की बात कहकर उन्हें लौटा दिया था।