उन्नाव। यूक्रेन में फंसा शाहगंज निवासी शिक्षक का बेेटा अंशु तीन दिन बंकर में रहने के बाद रोमानिया बॉर्डर पर पहुंच गया है। उसके गुरुवार तक भारत लौटने की उम्मीद है।
शाहगंज निवासी आईटीआई शिक्षक गौरी शंकर शर्मा का बेटा अंशु यूक्रेन के इवानो फ्रेंकीवेस्क स्थित मेडिकल कालेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है। 24 फरवरी को वहां रूस ने हमला किया था। अंशु ने खुद को बचाने के लिए अन्य छात्रों के साथ बंकर में शरण ली थी। इस समय अंशु रोमानिया बॉर्डर पर सुरक्षित है। इकलौते बेटे को लेकर पिता गौरी शंकर और मां सुषमा देवी परेशान हैं। बुधवार को पिता ने वीडियो कॉल कर बेटे से बात की। अंशु ने जल्द ही देश पहुंचने की बात कही तो खुशी के आंसू छलक पड़े। अंशु ने बताया कि नागरिक उड्यन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यहां पहुंचकर सभी छात्रों का हालचाल लिया है। भोजन और रहने की समस्या भी दूर हो गई है। बताया कि गुरुवार सुबह फ्लाइट से उसे देश भेजा जाएगा। वहीं भाजपा प्रदेश नेतृत्व और जिलाध्यक्ष के निर्देश पर पदाधिकारियों ने यूक्रेन में फंसे छात्र-छात्राओं के माता-पिता से मुलाकात की। गौरीशंकर शर्मा से बेटे अंशु के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर जिला महामंत्री प्रवीण सिंंह, जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार वर्मा, जिला संयोजक श्रमिक नवीन सिंंह मौजूद रहे।
खारकीव से लीव पहुंचीं ह्रिति
औरास। दिपवल गांव निवासी जितेंद्र सिंह की बेटी ह्रिति मंगलवार को 40 अन्य छात्रों के साथ स्पेशल ट्रेन से खारकीव शहर से लीव शहर पहुंच गईं। बुधवार को ह्रिति ने पिता जितेंद्र सिंह से व्हाट्स ऐप पर बात की। बताया कि लीव शहर में कोई सुविधा नहीं मिल रही हैं। सभी लीव से हंगरी जाने के लिए बस या कार की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं। (संवाद)
बंकर से निकलीं श्रुति, गोलीबारी के बीच सफर मुश्किल
पुरवा। मोहल्ला पश्चिम टोला निवासी सी कुट्टी की पौत्री श्रुति को छह दिन बाद बंकर से बाहर निकाला गया। उन्हें खारकीव से हंगरी सीमा पर ले जाया जा रहा है। हालांकि इस दौरान हो रही गोलाबारी से सफर काफी मुश्किल है। बुधवार को श्रुति ने संदेश में बताया कि बुधवार दोपहर फायरिंग रुकने पर एक मिनी बस से रेलवे स्टेशन भेजा गया था। बताया कि वह देश लौट पाएगी कि नहीं, पता नहीं। (संवाद)
कुलदीप आज करेंगे घर वापसी
नवाबगंज। रोमानिया भेजे गए मेडिकल छात्रों में शामिल नवाबगंज के कुईथर गांव निवासी कुलदीप को बुधवार को 30 छात्रों के साथ बुडारिस्ट एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए एयरलिफ्ट किया गया है। उसके गुरुवार शाम तक घर पहुंचने की उम्मीद है। पिता जगन्नाथ ने बताया कि भारत सरकार की मदद से उनका बेटा घर आ पा रहा है।
यूक्रेन में फंसे छात्र अंशू शर्मा से मोबाइल पर बात करते माता-पिता। संवाद- फोटो : UNNAO