उन्नाव। कानपुर जिले में जीका वायरस का मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। एसीएमओ ने चिकित्साधिकारियों से अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। बीमारी से बचाव के लिए सभी क्षेत्रों में वृहद स्तर पर फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव करने के निर्देश हैं।
संक्रामक रोग प्रभारी व नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. विवेक गुप्ता ने बताया कि जिले में फिलहाल अब तक जीका वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि कानपुर में मरीज मिलने के बाद एहतियात बरता जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह बुखार के मरीजों पर नजर रखें।
ऐसे मरीजों पर खास नजर रखी जाएगी जिन्हें कई दिन से बुखार आ रहा है। संदिग्ध लक्षण मिलने पर सबसे पहले डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड की जांच कराई जाएगी।
इन जांच की रिपोर्ट यदि निगेटिव आती है तो जीका वायरस की पुष्टि के लिए सैंपल भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि जीका वायरस से पीड़ित मरीज को जोड़ों में भीषण दर्द होता है। आंखों में जलन के साथ कीचड़ आने की शिकायत होती है।
क्या है जीका वायरस
जीका विषाणु फ्लाविविरिड विषाणु परिवार से है। यह एक प्रकार का बुखार है। इसके लक्षण डेंगू की तरह ही होते हैं। इसमें बुखार, लाल आंखें, जोड़ों में दर्द, सिर दर्द के साथ लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। यह काफी खतरनाक वायरस है।