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चौबीस घंटे बाद मिला अस्पताल से चोरी हुआ नवजात

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उन्नाव। खुद को पति बताकर मानसिक बीमार महिला के नवजात को अस्पताल से लेकर गया युवक रविवार को कोतवाली पहुंच गया। उसके मुताबिक उसने चोरी नहीं की जच्चा के विछिप्त होने और बच्चा बेहद कमजोर होने से उसकी जान बचाने और अपनाने के लिए ले गया था। युवक के मुताबिक वह बच्चे को इलाज के लिए कानपुर लेकर गया मगर अधिक खर्च बताए जाने के कारण वापस लेकर आया और घर पर ही देखभाल करने लगा। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि युवक, उसकी पत्नी व अन्य लोगों से पूछताछ कर घटना की तफ्तीश की जा रही है।
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शनिवार को जिला महिला अस्पताल से नवजात चोरी होने की घटना का रविवार दोपहर पटाक्षेप हो गया। अखबारों में बच्चा चोरी होने का समाचार पढ़ने के बाद घबराया मोहल्ला ईदगाह कॉलोनी निवासी शेखनूर आलम, नवजात को लेकर खुद कोतवाली पहुंच गया और पुलिस को अपनी बात बताई। उसके मुताबिक शनिवार सुबह मोहल्ले में चर्चा हुई कि टेंपो स्टैंड के पास सड़क किनारे एक विछिप्त महिला ने बच्चे को जन्म दिया है। लोगों ने कहा कि विछिप्त महिला बच्चे को पाल नहीं पाएगी। नवजात की मौत हो जाएगी। लोगों की बातें सुनी तो उसका दिल पसीज गया। वह अस्पताल पहुंचा तो एक संजय नाम का व्यक्ति मिला। उसने बताया कि वह बच्चा ले जाएगा और उसकी परवरिश करेगा। नूर आलम के मुताबिक संजय ने डॉक्टरों को खुद को सुमन (प्रसूता) का पति बताया और इसके बाद उसने संजय से कहकर बच्चे को ले लिया। नूर आलम के मुताबिक संजय कौन है वह नहीं जानता। उसने बताया कि सुबह अखबारों में बच्चा चोरी होने और अपना और चाची सौफिया खातून का नाम छपा देखा तो घबराकर सीधे कोतवाली चला आया।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉक्टर सरोज श्रीवास्तव से बात की और बच्चा चोरी होने की सूचना दिए जाने के बाद तफ्तीश कर रहे एसआई एसके सिंह ने बताया कि नवजात को उसके असली पिता पूरन शर्मा को सौंप दिया गया है। बताया कि पूरन ने फिलहाल कोई तहरीर नहीं दी है। अगर वह तहरीर देगा तो कार्रवाई की जाएगी। उधर, बच्चा मिलने के बाद जिला अस्पताल की सीएमएस समेत पूरे स्टाफ ने राहत की सांस ली है।
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नवजात को बिलखते देख पसीज गया दिल
उन्नाव। नूर आलम के मुताबिक नवजात को सड़क पर पड़ा देखकर उसका दिल पसीज गया। बताया कि आसीवन थानाक्षेत्र के कादिरपुर गांव निवासी उसकी साली नासिरा की शादी को सात साल हो गए हैं मगर कोई औलाद नहीं है। उसके मुताबिक बच्चे को अच्छी परवरिश और नासिरा की गोद भी भर जाने की सोच उसने यह कदम उठाया। उसके मुताबिक किसी को इस बात का अनुमान नहीं था कि विक्षिप्त महिला का पति या परिवार का कोई सदस्य उसे लेने आएगा।
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