उन्नाव। एक सीओ के गनर ने दलित किशोरी से दुष्कर्म किया। फिर शादी का झांसा देकर कई महीने तक शोषण करता रहा। पीड़िता ने शिकायत करने की बात कही तो धमकाकर मुंह बंद करा दिया गया। शोषण की इंतहा हुई तो किशोरी ने परिजनों को आपबीती बताई। परिजनों की शिकायत पर सीओ ने भी मुंह बंद रखने की नसीहत देकर चलता कर दिया। बुधवार को मां पीड़ित बेटी को साथ लेकर एसपी से मिली तो उन्होंने जांच के आदेश दिए। महिला थानाध्यक्ष तफ्तीश जारी होने की बात कह रही हैं।
जिले में तैनात एक सर्किल सीओ के गनर (सिपाही) ने सफीपुर सर्किल में तैनाती के दौरान कोतवाली क्षेत्र में ही रहने वाली एक दलित किशोरी से दुष्कर्म किया। किशोरी ने परिजनों से शिकायत करने की बात कही तो गनर ने उसे धमकाकर मुंह बंद रखने को मजबूर कर दिया। बात खुलने के डर से गनर ने खुद को पीड़िता का स्वजातीय बताया और शादी का झांसा देकर कई महीने तक शोषण करता रहा। कई महीने इंतजार के बाद भी जब गनर शादी के लिए तैयार नहीं हुआ तो पीड़ित किशोरी ने अपने मां को आपबीती बताई। जानकारी होने पर मां ने सफीपुर कोतवाली में शिकायत की मगर मामला पुलिस जवान से संबंधित होने से कोतवाली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता की मां के मुताबिक इसके बाद पुलिस उसके घर जाती और मुंह बंद रखने के लिए धमकाती रही। हालत यह हो गई कि पुलिस ने उन मां-बेटी का घर से निकलना दूभर कर दिया। आरोप है कि सीओ (जिनकी सुरक्षा में गनर तैनात है) ने उन्हें धमकाते हुए मुंह बंद रखने की नसीहत दी। बुधवार को पीड़िता की मां एसपी से मिली और आपबीती बताई। एसपी ने महिला थानाध्यक्ष कमर सुल्ताना और बीघापुर सीओ तौकीर हुसैन को बुलाकर मामले की जांच करने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इसके बाद महिला थानाध्यक्ष किशोरी को अपनी जीप में बैठाकर थाने ले गईं।एसपी सोनिया सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी लगे खाकी पर दाग
अप्रैल में हसनगंज पुलिस ने नशे की हालत में दो युवकों को पकड़ कर उसे लुटेरा बताया। उन पर फर्जी खुलासा करने का प्रयास किया। एसपी ने की थी कार्रवाई।
जून में सफीपुर कोतवाली में तैनात एक सिपाही लूट के माल सहित गिरफ्तार किया गया। उसका साथी सिपाही अभी फरार है।
जुलाई में बीरमपुर गांव में दो चचेरे भाइयों की हत्या के बाद संदिग्ध भूमिका पर तत्कालीन थानाध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।