उन्नाव। ग्राम पंचायतों में तैनात ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (पंचायत सचिव) मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में आठ विकासखंडों की 10 ग्राम पंचायतों में 90.63 लाख का नियम विरुद्ध भुगतान करने का मामला सामने आया है। नियमानुसार, सचिवों को गांव की पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने में यह धनराशि खर्च करनी थी, लेकिन इसे विकास कार्यों का भुगतान कर दिया गया। मामले की जानकारी होने पर जिला पंचायतराज अधिकारी ने सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में टाइड व अनटाइड मद से विकास कार्यों के साथ पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता के लिए बजट दिया जाता है। शासनादेश में स्पष्ट आदेश है कि जिस मद के लिए बजट दिया जाता है, उसमें ही खर्च करना चाहिए। इसके विपरीत पंचायत सचिवों द्वारा सारे नियम ताख पर रखकर मनमर्जी ढंग से कार्य व भुगतान किए जा रहे हैं। इसका खुलासा पंचायतीराज विभाग द्वारा संचालित ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर प्रदर्शित ऑनलाइन रिपोर्ट से हुआ है।
इसमें जानकारी हुई कि आठ विकासखंडों की 10 ग्राम पंचायतें ऐसी रहीं, जिसमें करीब टाइड फंड की 90,63,410 रुपये की धनराशि ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने में खर्च करने के बजाय इस धनराशि से अनटाइड फंड के नाली, खड़ंजा व इंटरलॉकिंग जैसे पक्के कार्यों का भुगतान कर दिया। इससे गांवों में पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई। मामले का पता चलने पर अब डीपीआरओ ने सभी पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। एक सप्ताह में जवाब न देने पर निलंबन की चेतावनी दी है।
इंसेट-1
ग्राम पंचायतवार निकाली गई धनराशि
ब्लाक ग्राम पंचायत धनराशि सचिव
सुमेरपुर ककरारी 9.29 लाख राममिलन
सुमेरपुर मलौना 7.30 लाख रजनीश यादव
गंजमुरादाबाद अमीरपुर गंभीरपुर 9.77 लाख अनूप वर्मा
बिछिया गोड़वा विशुनपुर 11.03 लाख देवेंद्र यादव
सिकंदरपुर सरोसी ख्वाजगीपुर 8.24 लाख देवेंद्र प्रताप सिंह
सफीपुर दरौली 7.54 लाख विमल गौतम
सफीपुर जमालपुर गैरए 8.53 लाख जगन्नाथ मिश्रा
सिकंदरपुर कर्ण मझरा पीपरखेड़ा गैरए 8.27 लाख चंद्रकांत अवस्थी
पुरवा फतेहगंज 10 लाख गुड्डू श्रीवास्तव
मियागंज माखी 10.64 लाख शुभम सोनी
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जिन सचिवों ने नियम विरुद्ध अन्य कार्यों में भुगतान कर दिया है, उनको नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। सात दिन का समय दिया गया है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न देने पर निलंबन सहित अन्य विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
आलोक सिन्हा, डीपीआरओ।