असोहा (उन्नाव)। क्षेत्र पंचायत और लोक निर्माण विभाग की खींचतान में मंगतखेड़ा-बैगांव मार्ग फंसा है। खींचतान के चलते बनने के बाद से अब तक इसकी मरम्मत नहीं हुई। जिससे दो ब्लॉक के 20 हजार ग्रामीणों को गड्ढा युक्त मार्ग पर हिचकोले खाकर सफर करना मजबूरी है। कई बार ग्रामीण मार्ग की मरम्मत कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। क्षेत्र पंचायत और पीडब्ल्यूडी एक दूसरे को मरम्मत कराने का जिम्मेदार बता रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2005-06 में क्षेत्र पंचायत निधि से असोहा विकासखंड के पांच सौ मीटर लंबे मंगतखेड़ा-बैगांव मार्ग का निर्माण कराया गया था। सड़क निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी हुई थी। इसके चलते सड़क एक वर्ष में ही टूटने लगी थी। ग्रामीणों ने दो बार श्रमदान करके सड़क की मरम्मत की। बीते 10 साल से तो इस मार्ग की मरम्मत तक नहीं हो सकी है। इससे अब इस मार्ग से लोगों का आवागमन खतरनाक हो गया है। ग्रामीणों में रामबाबू, विमल, शैलेंद्र रावत, अनिल विमल, राकेश रावत, सरोज भारती, जटाशंकर, सुमेर सिंह व विकास आदि ने बताया कि सड़क उस समय क्षेत्र पंचायत से बनी थी।
बात मरम्मत की करें तो अब न तो क्षेत्र पंचायत करा रहा है और न ही पीडब्ल्यूडी। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि यह सड़क जब तक उनके पास नहीं आएगी तब तक मरम्मत नहीं करा पाएंगे। ऐसे में अब यह मार्ग परेशानी का सबब बना हुआ है। ब्लाक प्रमुख आनंद गुप्ता ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को क्षेत्र पंचायत से एनओसी दी जा चुकी है। पीडब्ल्यूडी अब निर्माण करा सकता है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता हरदयाल अहिरवार ने बताया कि अगर एनओसी मिल गई होगी तो मरम्मत कराई जाएगी। फिलहाल एनओसी मिलने के बारे में जानकारी नहीं है, दिखवाया जाएगा।
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दो ब्लाकों के 14 गांव के ग्रामीणों को हो रही परेशानी
इस मार्ग से दो ब्लाकों के 14 गांव जुड़े हैं। असोहा ब्लाक के मंगतखेड़ा, मझखोरिया, अतरसई और बैगांव के अलावा पुरवा विकासखंड के नाथीखेड़ा, लालाखेड़ा, मदाखेड़ा, तारागढ़ी, जगनीखेड़ा, पासाखेड़ा, बाजीखेड़ा, मौलवीखेड़ा, रग्घूखेड़ा और बड़ाखेड़ा ग्राम पंचायतों की लगभग 20 हजार की आबादी को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।