उन्नाव। जिले में आठ हजार से ज्यादा राशन कार्ड धारक ऐसे हैं जो एक तरफ आयकर भरते हैं और दूसरी ओर गरीबों के हक का राशन हड़प रहे हैं। आयकर विभाग ने आपूर्ति विभाग को सूची भेजकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, आपूर्ति विभाग ने सत्यापन के लिए सूची कोटेदारों को भेजी है।
जनपद में कुल 6.03 लाख राशनकार्ड हैं। इसमें 1.44 लाख अंत्योदय और शेष पात्र गृहस्थी कार्डधारक हैं। इन कार्डों पर करीब 23.75 लाख यूनिट दर्ज हैं। कार्डधारकों को प्रतिमाह गेहूं, चावल सस्ती दर पर दिया जा रहा है। पिछले दिनों आयकर विभाग ने आपूर्ति विभाग को एक सूची भेजी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, सूची में 8060 कार्डधारकों के नाम सामने आए, जो हर साल आयकर देते हैं। इसके बाद भी इनके नाम से राशनकार्ड बने हुए हैं और वह हर माह नियमित रूप से राशन भी ले रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि जो कार्डधारक हर साल आयकर देते हैं उनके आधार कार्ड भी जमा होते हैं। यही आधार कार्ड राशनकार्ड में भी चढ़े हुए हैं। आयकर विभाग ने जब आधार कार्ड नंबर खंगाला तो वह राशनकार्ड में भी दर्ज मिले। इसी आधार पर आयकर अधिकारियों ने सूची तैयार कराई और उसे सत्यापन के लिए आपूर्ति विभाग को भेज दिया। सूत्रों की माने तो अब इस सूची को सत्यापन के लिए विभाग से कोटेदारों के पास भेजा गया है। डीएसओ राजबहादुर सिंह का कहना है कि सूची का सत्यापन शुरू करा दिया गया है।
पीएम किसान में मिले चुके हैं 3265 आयकरदाता
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) में भी आयकरदाता मिल चुके हैं। पिछले साल आधार सत्यापन में 3265 आयकरदाता मिले थे। योजना में हर चार माह में दो हजार रुपये की किस्त किसान के खाते में भेजी जाती है। आयकर देने की पुष्टि के बाद इनसे रिकवरी शुरू कराई गई थी। उपकृषि निदेशक डॉ. मुकुल तिवारी ने बताया कि पीएम किसान के अपात्रों से रिकवरी जारी है।