हसनगंज (उन्नाव)। संदाना में डेढ़ करोड़ की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निर्माण कराया गया है। सात अक्तूबर 2023 में डॉक्टर व मेडिकल स्टॉफ की तैनाती कर संचालित करने का प्रयास किया था, लेकिन 11 माह बाद भी डॉक्टर ने कार्यभार नहीं संभाला। कभी-कभी फार्मासिस्ट व महिला डॉक्टर मरीजों का इलाज करती थीं, लेकिन धीरे- धीरे उन्होंने भी आना बंद कर दिया। इससे पीएचसी में ताला लगा हुआ है।
हसनगंज क्षेत्र के संदाना गांव के मजरे धीरखेड़ा में मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनवाने की घोषणा की थी। बजट जारी होते ही 28 दिसंबर 2020 में कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएस ने काम शुरू करा दिया था। लगभग दो साल में पीएचसी बनकर तैयार हो गई। इसमें डॉक्टर, फार्मासिस्ट व वार्ड ब्वाय के आवास भी बनाए गए। सात अक्तूबर 2023 में इसका संचालन शुरू कराया गया।
क्षेत्र के लोगों को उम्मीद बंधी थी कि अब उन्हें इलाज के लिए 16 किमी दूर सीएचसी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, लेकिन 11 माह बीतने के बाद अब तक तैनात किए गए डॉक्टर सिद्धार्थ ने अस्पताल का कार्यभार नहीं संभाला। इसके अलावा फार्मासिस्ट ने भी आना बंद कर दिया। इससे मरीजों को इलाज के लिए नवाबगंज या फिर हसनगंज सीएचसी का चक्कर काटना पड़ रहा है। इससे सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमोद कुमार ने सीएमओ को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।
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इन गांवों के लोगों को मिलना था इलाज
बाराबुजुर्ग, फिरोजाबाद, झलोतर, सेमरामऊ, सुंदरपुर, हुलासखेड़ा, चांदपुर झलिहाई, मदनापुर, नारायणपुर, नयाखेड़ा, न्यामतपुर बरौना, चूरमा, कोडरा, लखौरा, भटपुरा व राईखेड़ा आदि।
लोगों की बात
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धीरखेड़ा निवासी अर्जुन सिंह ने बताया कि जब से यह पीएचसी बनी है तब से डॉक्टर की तैनाती सिर्फ कागजों पर हुई है, लेकिन वह आज तक अस्पताल आए ही नहीं।
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संदाना ग्राम प्रधान कंचन शर्मा ने बताया कि डॉक्टर के न आने पर लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत भी की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
बोले एसीएमओ
11 माह से डॉक्टर नहीं पहुंच रहे हैं, इसकी जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
डॉ.एचएन प्रसाद, एसीएमओ
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पीएचसी निर्माण का काम तीन माह से बंद
सोनिक (उन्नाव)। बिछिया ब्लॉक के सोनिक गांव 31 लाख की लागत से अप्रैल 2022 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनना शुरु हुआ था। इसके बाद आधा काम कराकर ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। मौजूदा समय में यहां बड़ी-बड़ी घास उग आई है। ग्रामीणों ने बताया कि तीन माह से काम बंद है। अगर निर्माण पूरा हो गया होता तो 12 किमी दूर बिछिया या फिर जिला अस्पताल न जाना पड़ता। बिछिया सीएचसी प्रभारी डॉ.नरेंद्र कुमार ने बताया कि अभी काम चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के जेई धर्मेश ने बताया कि बीच में किस्त रुक गई थी। इसलिए काम रुका हुआ है। किस्त जारी हो गई है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। (संवाद)
फोटो नंबर-3- संदाना पीएचसी में लटकता ताला। संवाद
फोटो नंबर-3- संदाना पीएचसी में लटकता ताला। संवाद
फोटो नंबर-3- संदाना पीएचसी में लटकता ताला। संवाद