सफीपुर। कोतवाली क्षेत्र के पीखी गांव में संचालित नर्सिंगहोम में इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो जाने पर परिजनों ने हंगामा किया। अस्पताल में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। उसके बाद परिजन शव लेकर वहां से चले आए। फिलहाल किसी पक्ष ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
ब्रजपालपुर गांव निवासी रामदास की पत्नी गुड्डी को प्रसव पीड़ा होने पर वह पत्नी को लेकर स्वास्थ्य केंद्र आया। गुड्डी की हालत गंभीर देख एएनएम ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उसे जिला अस्पताल न लाकर पीखी गांव के बाहर सड़क किनारे बने लाइफ केयर नर्सिंगहोम लेकर पहुंच गए।
नर्सिंगहोम संचालक ने महिला को भर्ती कर लिया। इतना ही नहीं आठ हजार रुपये भी जमा करा लिए। कुछ ही देर बाद जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। दोनों की मौत से गुस्साए परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। वहां मौजूद लोगों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। नर्सिंगहोम संचालक से जब बात की गई तो उसका कहना था कि प्रसूता की हालत गंभीर होने पर उसे उन्नाव ले जाने की सलाह दी गई थी। कोतवाली प्रभारी अरुणदेव द्विवेदी ने बताया कि अभी तक तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
- पीड़ित पक्ष पुलिस को बगैर सूचना व तहरीर दिए घर चले गए
अमर उजाला ब्यूरो