फोटो-11-हसनापुर चौराहा-खंभौली मार्ग पर जलभराव के बीच बचकर निकलता राहगीर। संवाद
बरसात में लगाना पड़ता है तीन किमी का अतिरिक्त चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
गंजमुरादाबाद। आठ दशक बाद भी हसनापुर चौराहे से खंभौली तक डेढ़ किमी पक्का मार्ग नहीं बन सका। बारिश में मार्ग चलने लायक नहीं रह जाता है। ग्रामीणों को तीन किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। हालांकि विधायक श्रीकांत कटियार ने कच्चे मार्ग को मंडी परिषद की कार्ययोजना में शामिल कर बारिश के बाद पक्का कराने का आश्वासन दिया है।
हसनापुर चौराहे से खंभौली तक आने-जाने के लिए करीब डेढ़ किमी लंबा कच्चा रास्ता है। यह मार्ग गंजमुरादाबाद व बांगरमऊ ब्लॉकों की तीन ग्राम पंचायतों हसनापुर, खंभौली व हैबतपुर के अंतर्गत आता है। आजादी के 79 साल बाद भी यह मार्ग अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। बारिश के मौसम में मार्ग के बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से यह चलने लायक नहीं रह जाता है। ऐसे में खंभौली और हसनापुर आने-जाने वाले राहगीरों को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड या फिर मदारपुर मार्ग से तीन किमी का लंबा चक्कर लगना पड़ रहा है।
हसनापुर, खंभौली व हैबतपुर के ग्राम प्रधानों का कहना है कि ग्राम पंचायत से कच्चा और खड़ंजा मार्ग का ही निर्माण कराया जा सकता है। हर तीन-चार वर्ष में इस मार्ग पर मिट्टी आदि डालकर रास्ता बराबर कर दिया जाता है। पक्का मार्ग बनाने के लिए विधायक और सांसद को आगे आना चाहिए। विधायक श्रीकांत कटियार ने बताया कि इस कच्चे मार्ग को मंडी परिषद की कार्ययोजना में शामिल कर बारिश के बाद पक्का कराया जाएगा।