उत्तर प्रदेश के बिलारी क्षेत्र के एक गांव में कई माह पहले चाचा द्वारा सगी भतीजी को भगाकर ले जाने के मामले में उलेमाओं ने ग्रामीणों की सहमति मिलने के बाद कड़ा रूख अपनाया है।
आरोपी युवक को जहां गांव बदर करने का फरमान सुनाया गया है वहीं युवती की शादी होने तक उसके परिवार का बहिष्कार करने का फैसला लिया गया है।
युवक और युवती दो दिन पहले अपने गांव में जैसे ही पहुंचे तभी कानाफूसी शुरू हो गई। मामला एक ही परिवार से जुड़ा होने के कारण मुहल्ले के कुछ लोग विरोध करने को आगे आए।
रिश्तेदारों के दखल के बाद शुक्रवार की सुबह दोनों पक्षों में यह फैसला हुआ अब वह एक दूसरे के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे तथा अपनी मर्जी अनुसार भविष्य में कहीं भी युवक और युवती शादी करने को स्वतंत्र होंगे।
गांव के कुछ लोगों को यह नागवार गुजरा और उन्होंने बिलारी के शहर इमाम मौलाना सदाकत हुसैन समेत अन्य उलेमाओं के पास जाकर अपनी बात रखी।
शहर इमाम मौलाना सदाकत हुसैन संबंधित गांव के एक मदरसे में पहुंचे और वहां के उलेमाओं तथा ग्रामीणों को बुलाकर हालात की जानकारी ली।
शहर इमाम ने बताया कि भतीजी को गलत तरीके से अपने साथ ले जाने वाले युवक को गांव बदर करने का फैसला सुनाया गया है।
युवती की दो बहनें और हैं। तय हुआ है कि जब तक पिता अपनी तीनों जवान बेटियों की शादी नहीं करेगा तब तक युवक का सामाजिक बहिष्कार रखा जाएगा।