श्रीनगर में मरीजों के लिए चलाई फूड फॉर कश्मीर मुहिम
रईस अहमद और पत्नी निदा रईस, श्रीनगर
कश्मीर में कोरोना महामारी के बीच कई ऐसे लोग सामने आए हैं जिन्होंने मनावता के लिए मदद के हाथ बढ़ाए हैं। चाहे वो यहां के स्थानीय एनजीओ हों, स्थानीय स्वयं सेवक ग्रुप हों या फिर कोई और। हर कोई यह कोशिश कर रहा है कि वह इस महामारी में जरूरतमंदों की मदद कर सकें। ऐसे ही हैं श्रीनगर के युवा दंपती रईस अहमद और निदा रईस। यह श्रीनगर के अस्पतालों और घरों में कोरोना संक्रमित मरीजों को मुफ्त खाना पहुंचाकर उनकी मदद कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने फूड फॉर कश्मीर नाम की मुहिम शुरू की है।
रईस ने फरवरी 2020 में एक स्टार्टअप शुरू किया था, जिसे उन्होंने टिफिन आव (टिफिन आया) का नाम दिया था। इस स्टार्टअप को भी कोरोना की मार झेलनी पड़ी। रईस अहमद ने बताया कि फूड फॉर कश्मीर मुहिम अभी हाल ही में शुरू की गई है। यह आईडिया उन्हें तब आया जब उन्हें कुछ ऐसे लोगों की ओर से खाने के लिए कॉल रिसीव हुई जो जरूरतमंद थे। इसलिए उन्होंने मुफ्त खाना पहुंचाने की यह मुहिम शुरू की।
1500 से ज्यादा लोगों को अब तक पहुंचाया खाना
रईस ने कहा कि अब तक वह करीब 1500 से ज्यादा लोगों को खाना पहुंचा चुके हैं। रईस ने कहा कि वह श्रीनगर के सब अस्पतालों में मरीजों और उनके अटेंडेंट्स को और साथ ही घरों में भी कोरोना के मरीजों को खाना पहुंचा रहे हैं। रईस ने कहा कि इस मुहिम में कई लोग जुड़ रहे हैं, जो आर्थिक मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई मामले ऐसे भी हैं जहां पूरे के पूरे परिवार पॉजिटिव हैं ऐसे में हम उनसे पैसे नहीं लेते। लेकिन बाद में कुछ लोग आर्थिक मदद करते हैं।
पत्नी निदा भी कंधे से कंधा मिलाकर चल रहीं
रईस की पत्नी निदा रईस भी इस कार्य में उनके साथ कांधे से कांधा मिलाकर मदद कर रही हैं। कई बार तो वह उनके साथ डिलीवरी के लिए भी जाती हैं। एक घटना के बारे में बताते हुए निदा ने कहा कि वह और उनके पति एक मरीज को खाना देने जा रहे थे कि अचानक उन्हें फोन आया भइया खाना देने नहीं आना, मरीज की मृत्यु हो गई है। इस घटना ने उन्हें हिला कर रख दिया। निदा ने बताया कि उनकी 7-8 बंदों की टीम है, लेकिन खाना पकाने से लेकर पहुंचाने तक पूरा एहतियात बरता जाता है। जो अस्पतालों में डिलीवरी करते हैं वो भी पूरी तरह से प्रोटोकॉल का पालन करते हैं।
संक्रमित बुजुर्ग परिवारों और जरूरतमंद लोगों के घर तक पहुंच रहा है शाकाहारी खाना
पूजा वातल, समाजसेवी, जम्मू
कोरोना काल में हर कोई प्रभावित है लेकिन इनके बीच ही कुछ ऐसे लोग भी हैं जो कोरोना योद्धा के रूप में जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। पूजा वातल इनमें से एक हैं जो कोरोना पीड़िक परिवारों तक जम्मू में निशुल्क शाकाहारी भोजन पहुंचा रही हैं ताकि कोई भूखा न रहे। पूजा और उनकी टीम कोरोना प्रभावित परिवारों को घर तक मदद पहुंचा रही है। वे बताती हैं कि हमारे पास ज्यादातर उन लोगों के खाने के लिए फोन आते हैं जिनके साथ कोई नहीं है। वे कहती हैं कि अगर किसी को खाना चाहिए तो वह 9622111111 पर संपर्क कर सकता है।