हेमा मालिनी के मथुरा सीट पर ताल ठोकते ही भाजपा के दो सूरमा भी मैदान छोड़ गए। इनमें एक राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के बेहद नजदीकी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अरुण सिंह हैं तो दूसरे राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्रीकांत शर्मा। दोनों ने ही फिल्म स्टार हेमा मालिनी को भाजपा का प्रत्याशी बनाए जाते ही मथुरा की सियासत से अपनी राहें अलग कर ली।
अरुण सिंह तो पिछले एक साल से लगातार जनसंपर्क और नुक्कड़ सभाओं को संबोधित कर रहे थे। काफी लोगों से संपर्क साध चुके थे। अब उनके एक साल के प्रयासों व संपर्कों का लाभ हेमा मालिनी को मिल सकता था, लेकिन वह जिले में नजर नहीं आ रहे हैं।
अरुण सिंह उड़ीसा भाजपा के सह प्रभारी भी हैं और बताया जा रहा है कि वह टिकट नहीं मिलने पर बुझे मन से वह उड़ीसा चले गए। इस बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उड़ीसा का प्रभारी होने के कारण मैं यहां के चुनावों में लगा हूं। यहां से चुनाव के बाद मथुरा में मेरी सक्रियता होगी।