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हेमा के आते ही मैदान छोड़ गए सूरमा!

Mon, 07 Apr 2014 11:03 AM IST
हिमांशु त्रिपाठी/अमर उजाला, मथुरा
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हेमा मालिनी के मथुरा सीट पर ताल ठोकते ही भाजपा के दो सूरमा भी मैदान छोड़ गए। इनमें एक राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के बेहद नजदीकी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अरुण सिंह हैं तो दूसरे राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्रीकांत शर्मा। दोनों ने ही फिल्म स्टार हेमा मालिनी को भाजपा का प्रत्याशी बनाए जाते ही मथुरा की सियासत से अपनी राहें अलग कर ली।
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अरुण सिंह तो पिछले एक साल से लगातार जनसंपर्क और नुक्कड़ सभाओं को संबोधित कर रहे थे। काफी लोगों से संपर्क साध चुके थे। अब उनके एक साल के प्रयासों व संपर्कों का लाभ हेमा मालिनी को मिल सकता था, लेकिन वह जिले में नजर नहीं आ रहे हैं।

अरुण सिंह उड़ीसा भाजपा के सह प्रभारी भी हैं और बताया जा रहा है कि वह टिकट नहीं मिलने पर बुझे मन से वह उड़ीसा चले गए। इस बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उड़ीसा का प्रभारी होने के कारण मैं यहां के चुनावों में लगा हूं। यहां से चुनाव के बाद मथुरा में मेरी सक्रियता होगी।
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कहां गायब हुए भाजपा के नेता?

इसी तरह से मूल रूप से मथुरा से जुड़े राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्रीकांत शर्मा भी यहां सक्रिय हुए और पार्टी के कार्यक्रमों से लेकर सार्वजनिक समारोह में नजर आने लगे थे। लोगों से संपर्क साधना भी शुरू किया लेकिन वह भी अब मथुरा नजर नहीं आ रहे हैं।

दोनों के अनगिनत होर्डिंग्स भी जिले भर में लगे थे। होर्डिंग्स तो आचार संहिता के अनुपालन में प्रशासन ने खंभों से उतरवा दिया लेकिन टेंपो पर हाथ जोड़े पोस्टरों आज भी दोनों चिपके नजर आ रहे हैं। हेमामालिनी को मथुरा में मिल रहे समर्थन के बीच इनका अचानक गायब हो जाना पार्टी में चर्चाओं का विषय बना है।
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भाजपा की कलह

- हेमामालिनी का टिकट फाइनल होते ही बाकी कई दावेदार घर बैठ गए।
- हेमा की बैठक में पार्टी के दो नेताओं में मारपीट की नौबत।
- अगले दिन प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने आकर लोगों को मनाया।
- नामांकन के दिन चुनाव कार्यालय के सामने दो कार्यकर्ताओं में जमकर मारपीट।
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