एडीजी प्रेमप्रकाश नामचीन शॉपिंग कंपनी पेटीएम की धोखाधड़ी के शिकार हो गए। उन्होंने कुछ खिलौनों का ऑर्डर किया था जिसे कंपनी ने खुद ही कैंसल कर दिया। एडीजी ने पेटीएम के साथ कुरियर कंपनी गति के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत के आरोपों के साथ आईटी एक्ट के तहत कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।
एडीजी प्रेमप्रकाश ने 26 सितंबर को अपने नाती-पोतों के लिए पेटीएम को पांच खिलौनों का ऑर्डर किया था। कंपनी ने इसकी डिलीवरी की तारीख 6 अक्तूबर दी थी। डिलीवरी एडीजी के गाजियाबाद स्थित आवास पर होनी थी। एडीजी के मुताबिक एक खिलौने का ऑर्डर उन्होंने खुद कैंसल करा दिया। एक खिलौना कंपनी ने तय तारीख पर डिलीवर कर दिया, लेकिन बाकी खिलौनों की डिलीवरी नहीं दी।
बुधवार को एडीजी ने पेटीएम कंपनी में संपर्क किया तो उन्हें गति कुरियर कंपनी में ऑनलाइन ट्रैक करने को कहा गया। गति को ऑनलाइन ट्रैक करने पर उसके कर्मचारी श्याम सिंह ने एडीजी की बात अपने सीनियर कुशल सिसौदिया से कराई जिसने एडीजी को बताया कि उनका कुरियर चेन्नई आ गया है और शिप पर लोड हो गया है।
लेकिन कुछ देर बाद ही एडीजी को मेसेज मिला कि उन्होंने कुरियर लेने से मना कर दिया है, इसलिए उनका ऑर्डर कैंसल कर दिया गया है। इसके बाद एडीजी ने पेटीएम और गति कंपनी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी।
बच्चों की शिकायत पर भावुक हुए एडीजी
एडीजी ने अपने नाती-पोतों के लिए खिलौने खरीदे थे और उन्हें यह भी बता दिया था कि ये खिलौने उन्हें 6 अक्तूबर को मिलेंगे। चारों बच्चे खिलौनों का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। तय समय पर खिलौने नहीं पहुंचे तो बच्चों ने उनसे शिकायत की। एडीजी बच्चों को तीन दिन से उम्मीद बंधा रहे थे। बुधवार को कंपनी से ऑर्डर कैंसल होने का मेसेज मिलने के बाद उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्णय लिया।