अल्पसंख्यक बीटीसी कॉलेजों में प्रवेश-प्रकिया के दौरान मनमानी की जाती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके आधार पर बीटीसी प्रवेश प्रक्रिया संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
प्रदेश में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के साथ निजी कॉलेजों में भी बीटीसी कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
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मौजूदा समय डायट में 10,400 और 302 निजी कॉलेजों में 15,100 सीटें हैं। निजी क्षेत्र की 25 संस्थाओं को अल्पसंख्यक बीटीसी कॉलेज का दर्जा प्राप्त है।
दाखिले का कोई नियम ही नहीं
निजी बीटीसी कॉलेजों में कोटा नहीं होता है, जबकि अल्पसंख्यक कॉलेजों में 50 फीसदी मैनेजमेंट कोटा है।
ऐसे में अल्पसंख्यक कॉलेज प्रबंधन कुल 50 में से 25 सीटों पर सीधे दाखिला देता है, और बस यहीं पर खेल हो जाता है।
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सरकार इस मनमाने रवैये पर रोक लगाना चाहती है।
अब अल्पसंख्यक कॉलेजों में उसे ही प्रवेश दिया जा सकेगा जो बीटीसी प्रशिक्षण के लिए आवेदन करेगा तथा स्नातक में उसका प्रतिशत डायट में प्रवेश लेने वाले छात्रों के समान होगा।