उत्तर प्रदेश में सवा साल के दौरान तीन हजार नए बैंक खोले जाएंगे। यह बैंक शाखाएं खास तौर पर लोहिया ग्राम में खोली जाएंगी। सरकार इन गांवों में बैंक खोलने के लिए पंचायत भवन या अन्य जगह उपलब्ध करवाएगी और इंटरनेट कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराएगी। पहले चरण में अगले तीन माह में एक साथ 300 बैंक खोले जाएंगे।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की रिजर्व बैंक के गवर्नर डॉ. डी सुब्बाराव से मुलाकात में यह फैसला लिया गया। यह मुलाकात मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई। सीएम ने कहा कि देश में 13 हजार की आबादी पर एक बैंक है और यूपी में 16,500 की आबादी पर एक बैंक शाखा है ऐसे में यूपी का यह आंकड़ा राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप होना चाहिए। इस पर सुब्वाराव ने कहा कि मार्च 2014 तक प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 3000 नई बैंक शाखाएं खोली जाएंगी।
यह भी तय हुआ कि सबसे कम ऋण-जमा अनुपात वाले दस जिलों में मार्च 2014 तक विशेष अभियान चला कर इसे तीन प्रतिशत तक लाया जाएगा। इस संबंध में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक तथा इलाहाबाद बैंक संबंधित जिलों के डीएम व सीडीओ के साथ मिल कर क्रेडिट स्कीम तैयार करेंगे।
बैठक में यह भी तय किया गया कि अल्पसंख्यक बाहुल्य 140 ब्लाकों के विकास के लिए अलग से कार्ययोजना बनाई जाए और इसमें बैंकों का सहयोग लिया जाए। अब इन फैसलों को अमल में लाने के लिए मुख्य सचिव बैठक करेंगे।